बुरहानपुरमध्य प्रदेश

सिल्वर जुबली इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में अना देहलवी हुई सम्मानित

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) गुवाहाटी, असम की एआइपीएस संस्था के सालाना सिल्वर जुबली इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में, दुनिया भर के 500 जाने-माने कवि शायर शामिल हुए, मशहूर और सीनियर शायरा अना देहलवी को पहला इनाम, एक क्राउन और एक लाख पचास हज़ार रुपये का नगद इनाम दिया गया। इस अवॉर्ड को ऐतिहासिक इसलिए कहा जा रहा है की एआईपीएस का पहला अवॉर्ड भी पच्चीस साल पहले अना देहलवी को ही मिला था। इस बार, अपनी सिल्वर जुबली के मौके पर,भी संस्था ने एक बार फिर उनकी लगातार साहित्यिक सेवाओं को पहचान देते हुए उन्हें बेहतरीन काम के लिए सबसे बड़ा अवॉर्ड दिया है अवॉर्ड समारोह में संस्था की फाउंडर प्रो. डॉ. लारी आज़ाद के हाथो दिया गया जबकि प्रोग्राम की चेयरपर्सन डॉ. मनुमति जी गुवाहाटी असम और सेक्रेटरी डॉ. सरवरजा जी केरल भी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे यहसम्मान अना देहलवी को खास तौर पर उनकी आठ उर्दू किताबो, के प्रकाशित होने तथा दुनिया भर में उर्दू भाषा को बढ़ावा देने, के साथ कई इंटरनेशनल कविता फेस्टिवल में हिस्सा लेने और वर्ष 2000 में इंस्टीट्यूट के पहले प्रोग्राम की सीनियर कवि होने के लिए चुना गया। इस अवसर पर अवार्ड लेते अना देहलवी ने कहा की यह सब अल्लाह की मेहरबानी मेरी माँ की दुआओं और दोस्तों के प्यार की वजह से मुमकिन हुआ है कि एक मामूली कवि शायरा को इतना सम्मान और पहचान मिली है इस मौके को ऐतिहासिक बताते हुए,एआईंपीएस ने कहा कि अना देहलवी की साहित्यिक सेवाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए रोशनी की किरण हैं। हिंदुस्तान की मशहूर शायरा अना देहलवी को यह इनाम दो अलग-अलग सेरेमनी में दिया गया, जिसमें उन्हें ताज पहनाया गया और पहला अवार्ड एक सरप्राइज के तौर पर दिया गया। उर्दू शायरी में अना देहलवी किसी पहचान की मोहताज नहीं है वह कई वर्षों से उर्दू भाषा की शायरी के माध्यम से खिदमत को अंजाम दे रही है ऐसे एवार्ड ऐसी ही शख्सियत को देकर सम्मान किया जाता है।

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