बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा और विश्वास के साथ दिए गए चंदे में कथित चोरी के मामले से सनातन धर्मावलंबियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए विभिन्न स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुरहानपुर में मराठा क्रांति सेवा संगठन के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कथित दोषियों का पुतला दहन किया और उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था, विश्वास और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। मंदिर निर्माण के लिए लोगों ने अपनी श्रद्धा से चंदा दिया था। यदि उस धन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या चोरी हुई है, तो यह केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला गंभीर मामला है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए और जो भी दोषी पाए जाएं, उनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा। मराठा क्रांति सेना ने दोषियों के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया तथा संबंधित जांच एजेंसियों से मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने तथा दोषियों को शीघ्र दंडित करने की मांग की गई। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।











