
बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) जैसे जैसे उपचुनाव और तीज त्यौहारों का समय पास आता जा रहा है वैसे वैसे असमाजिक और शरारती तत्वो की हरकते भी बढती जा रही है। जिस से साम्प्रदायक स्वहार्द का खतरा उत्पन्न हो गया है। पहले गणपति स्थापना के अवसर पर दो शराबीयों के आपसी विवाद ने साम्प्रदायक रूप लेकर दो सम्प्रदायो के बीच मध्य रात्री के बाद जमकर विवाद पत्थर बाजी की घटना तो दो दिन बाद फिर शिकारपुरा पानी टंकी क्षेत्र में अज्ञात बदमाशो के द्वारा एक ऑटो में आगजनी की घटना खुफीया तंत्र की चूक मानी जा रही है। जहां तीज त्योहारों का मौसम आरंभ हो चुका है निकट समय में उपचुनाव सम्पन्न होना है ऐसे में ऐसी साम्प्रदायक स्वहार्द को बिगाडने वाली घटनाऐं चिंता की लकीरें खीचती हैं। यहां पुलिस प्रशासन को अधिक सर्तक रहने की अवश्यक्ता है। शिकारपुरा महाजनापेठ वाली घटना पर पुलिस प्रशासन काफी सख्ती के साथ पेश आते हुए दोनों पक्षों पर कार्यवाही कर रहा है, वहीं रविवार की मध्य रात्री के बाद शिकारपुरा पानी टंकी के समक्ष खडे एक ऑटो में आग की घटना सेे क्षेत्र के लोगों में बेचैनी देखी जा रही है। इस आग की घटना में ऑटो को आंशिक नुकसान हुआ है वहीं पास खडी एक बाईक को भी मामूली नुकसान हुआ है, लेकिन इस छोटी सी घटना ने क्षेत्र में बैचेनी पैदा कर दी है। शिकारपुरा पुलिस ने इस आगजनी की घटना की भी अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, केवल मामला दर्ज होने से साम्प्रदायक स्वहार्द हल होगा ऐसा नही है, इस के लिए अवश्यक है की तीज त्यौहारो के इस मौसम में वह कौन असमाजिक और शरारती तत्व है जो शहर की शांति पूर्ण फिजा को बिगाड कर क्या लाभ उठाना चाहते है, ऐसे तत्वो को बेनकाब करने से ही शहर का साम्प्रदायक स्वहार्द कायम रह सकता है, जिस के लिए जिले के पुलिस कप्तान को सख्त कदम उठाना पडेंगे। अन्यथा अपराधिक असमाजिक और शरारती तत्व शहर की गंगा जमनी संस्कृति और स्वहार्द को तार तार करने में सफल होंगे।