ज़िला अस्पताल में गंदगी को लेकर हालात जस के तस

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) जिलाअस्पताल में गंदगी से बिगड़ते हालात छह लाख आबादी कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवालबुरहानपुर जिले की लगभग छह लाख आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाला जिला अस्पताल इन दिनों सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है।अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, लेकिन मरीजों की संख्या के अनुपात में सफाई कर्मियों की कमी के कारण अस्पताल परिसर से लेकर वार्डों तक गंदगी के हालात बने हुए हैं। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के साथ साथ अस्वच्छ वातावरण का भी सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज ओपीडी और आपात कालीन सेवाओं के लिए पहुंचते हैं, वहीं अनेक मरीज विभिन्न वार्डों में भर्ती रहते हैं। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों की आवाजाही के बावजूद पर्याप्त सफाई व्यवस्था नहीं होने से वार्डों गलियारों शौचालयों और अस्पताल परिसर में गंदगी दिखाई देती है। कई स्थानों पर कचरा समय पर नहीं उठने और नियमित सफाई नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।अस्पताल आने वाले मरीजों और उन के परिजनों का कहना है कि उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने पर साफ-सुथरे वातावरण की अपेक्षा रहती है, लेकिन गंदगी और दुर्गंध के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में संक्रमण फैलने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में अस्पताल की सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। जानकारों कामानना है कि अस्पतालों में स्वच्छता केवल व्यवस्था का हिस्सा नहीं बल्कि उपचार प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार होती है। यदि अस्पताल में नियमित और पर्याप्त सफाई नहीं होगी तो संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। साथ ही वार्डों, शौचालयों और अस्पताल परिसर की नियमित निगरानी कर सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जाना आवश्यक है। अब लोगों की निगाहें स्वास्थ्य विभाग और जिला अस्पताल प्रबंधन पर टिकी हैं कि वे इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं। यदि समय रहते सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है। अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत आवश्यक है।



