बुरहानपुरमध्य प्रदेश

संपत्ति सर्वे में छूटे मकानों को शामिल करने की मांग

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) शहरी क्षेत्र में चल रहे संपत्ति सर्वे कार्य को लेकर नागरिकों में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है। सर्वे की पहली प्रक्रिया के दौरान कई क्षेत्रों में टीमों द्वारा मकानों और संपत्तियों का अपूर्ण या गलत सर्वे किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सर्वे कर्मचारियों ने कई बार घरों को बंद पाकर या कमरे के आधार पर आंकलन करते हुए वास्तविक मकानों को सूची में शामिल नहीं किया। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में वैध संपत्तियाँ इस बार के सर्वे में दर्ज ही नहीं हो सकीं। नागरिकों ने बताया कि सर्वे के दौरान न केवल कई पुराने मकान छूट गए, बल्कि हाल ही में निर्मित घर और अतिरिक्त निर्माण भी रिकॉर्ड में नहीं जोड़े गए। इससे भविष्य में संपत्ति कर निर्धारण, स्वामित्व प्रमाणन और सरकारी योजनाओं के लाभ में बाधाएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए वार्ड के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुनः सर्वे साइट को अस्थायी रूप से खोलने तथा छूटी हुई संपत्तियों को जोड़ने का अवसर देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि साइट दोबारा खोली जाए तो नागरिक अपने दस्तावेज़ों और प्रमाणों के आधार पर सही जानकारी अपलोड कर सकेंगे। इससे न केवल रिकॉर्ड सटीक होगा, बल्कि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या कर निर्धारण में त्रुटि की संभावना भी कम होगी। निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सर्वे प्रक्रिया को पुनः खोला जाए तथा तकनीकी या मानवीय त्रुटि के कारण छूटे सभी मकानों को सही ढंग से शामिल किया जाए, ताकि नगर का संपूर्ण और सही डेटा तैयार हो सके। निकाय के द्वारा ड्रोन के माध्यम से शहर की संपत्तियां का सर्वे कराया गया था लेकिन इसमें भी अनेक प्रकार की त्रुटियां सामने आ रही है जिसको लेकर पुनः ड्रोम सर्वे करने की मांग की जा रही है इसको लेकर उपभोक्ता अधिकार फॉर्म के द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया गया है।

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