बुरहानपुरमध्य प्रदेश

जिले का शासकीय अस्पताल बीमार मरीजों को नहीं मिल रहा उपचार

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) मरीजो का इलाज करते-करते जिले का शासकीय अस्पताल स्वयं बीमार हो चुका है चिलचिलाती धूप तेज गर्मी के चलते डिहाईड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल में मरीज को भर्ती करने के लिए अब जगह नहीं है आपको बता दें कि बुरहानपुर जिले का शासकीय जिला अस्पताल 32 करोड रुपए की लागत से बनकर तैयार किया गया था जिस में दर्जनों वार्ड है लेकिन प्रशासनिक अव्यवस्था और राजनीतिक इच्छा शक्ति के नहीं होने के चलते जिले का सरकारी अस्पताल स्वयं बीमार हो चुका है इतना बड़ा अस्पताल होने के बावजूद मरीज को भर्ती करने के लिए जगह नहीं है क्योंकि वार्डों की संख्या बढ़ने पर मरीजों की देखरेख के लिए अस्पताल में स्टाफ नहीं है इसी के चलते गिने चुने वार्ड में ही मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है ऐसे में एक पलंग पर एक से अधिक मरीज भर्ती किया जा रहे हैं लंबे समय से यहां स्टाफ पूर्ति के लिए मांग की जाती रही है लेकिन स्थानीय नेताओं के कानों पर कोई जूं नहीं रेंग रही है केवल नेताओं का ध्यान अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए निर्माण कराने तक सीमित रह गया है जिला अस्पताल परिसर में ही दो और भवन करोड़ों रुपए के बनकर तैयार हैं लेकिन वहां भी स्टाफ और संसाधनों की कमी के चलते अब तक प्रारंभ नहीं हो चुके हैं ऐसे में जब निमाड़ का यह जिला 45 डिग्री के तापमान में तप रहा हो ऐसे में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ना स्वाभाविक है उन्हें भर्ती करने के लिए अब अस्पताल में जगह नहीं है इसके साथ ही पुराने जिला अस्पताल की स्थान पर सिटी में सिटी क्लिनिक भी बंद कर तैयार है लेकिन वह भी चालू नहीं किया गया है जिले के राजनेताओं की इच्छा शक्ति ऐसे कार्यों में नहीं देखी जा रही है जिसके चलते मरीज परेशान होकर निजी नर्सिंग होम का मुंह देखने पर मजबूर है जहां उन्हें हजारों रुपया खर्च करना पड़ रहा है लेकिन इसका यहां के राजनेताओं पर कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है जिला अस्पताल में 40% से अधिक पद खाली है विडंबना यह है कि उन्हें भरे जाने के लिए कोई कार्यवाही नेताओं के द्वारा नहीं की जा रही है केवल आश्वासन ही मिले हैं।

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