निगम अध्यक्ष को आयुक्त के चेंबर जाना पड़ा, व्यवस्था पर उठे सवाल

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) नगर निगम के पार्षदों की वार्डों से जुड़ी समस्याओं को लेकर निगम अध्यक्ष स्वयं निगम आयुक्त के चेंबर पहुंचीं और आयुक्त के समक्ष विभिन्न वार्डों में व्याप्त समस्याओं से अवगत कराते हुए उनके शीघ्र निराकरण की मांग की। इस दौरान वार्डों में सड़क, नाली, पेयजल, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट ड्रेनेज सहित अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए गए। हालांकि इस घटनाक्रम ने नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर इसे प्रशासनिक व्यवस्था की विडंबना बताया जा रहा है। चर्चा इस बात की है कि नगर निगम अध्यक्ष निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के साथ निगम परिषद की अध्यक्ष भी होती हैं और संवैधानिक तथा प्रशासनिक दृष्टि से उन्हें आवश्यकता पड़ने पर निगम आयुक्त सहित अधिकारियों को अपने कक्ष में बुलाकर चर्चा करने का अधिकार प्राप्त है। इसके बावजूद अध्यक्ष का स्वयं आयुक्त के कक्ष में जाकर पार्षदों की समस्याएं रखना निगम के गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है यह पहला अवसर नहीं जब निगम अध्यक्ष स्वयं आयुक्त के चेंबर में पहुंच समस्याओं को रखा निगम अध्यक्ष का यकृत राजनीतिक रूप से असामान्य प्रतीत हो रहा है। राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों की समस्याओं के समाधान के लिए अध्यक्ष को स्वयं अधिकारियों के कक्ष तक जाना पड़े तो यह प्रशासनिक समन्वय की स्थिति पर प्रश्नचिह्न लगाता है। वहीं यह मानना है कि जनहित से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान होना चाहिए और जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। फिलहाल निगम आयुक्त ने पार्षदों द्वारा उठाई गई समस्याओं पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का भरोसा दिलाया है। अब देखना होगा कि वार्डों की लंबित समस्याओं का निराकरण कितनी तेजी से होता है और नागरिकों को राहत कब तक मिलती है।



