बुरहानपुरमध्य प्रदेश

ऑल इज़ वेल ने बदली मध्यभारत की स्वास्थय की तस्वीर, किया किडनी प्रत्यारोपण का सफल ऑपरेशन

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) निमाड़ की धरती ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐसा इतिहास रचा है जिसने पूरे मध्यभारत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है। बुरहानपुर में पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट जो ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने किया केरपानी नेपानगर के एक मासूम बच्चे को नया जीवन दिया है,इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ बुरहानपुर मध्यप्रदेश का 5 वां ऐसा जिला बन गया है जहां सफल किडनी प्रत्यारोपण किया गया है। इससे पहले केवल इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में ही यह सुविधा उपलब्ध थी। अब निमाड़ और खानदेश क्षेत्र के हजारों मरीजों को जीवन बचाने के लिए महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। यह सफलता केवल एक सर्जरी नहीं, बल्कि दूरदृष्टि, विश्वास, विशेषज्ञता और मानवीय संवेदनाओं की ऐसी हकीकत है जिसने एक छोटे शहर को चिकित्सा क्षेत्र के राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित कर दिया है। ग्राम केरपानी, तहसील नेपानगर निवासी मजदूर राजेश काटेकर और आशा कार्यकर्ता श्रीमती रजनी काटेकर के पुत्र प्रांजल की जिंदगी कई महीनों से डायलिसिस मशीनों के सहारे चल रही थी परिवार ने बुरहानपुर से लेकर नागपुर और वर्धा तक इलाज करवाया लेकिन आर्थिक और मानसिक संघर्ष लगातार बढ़ता गया ऐसे कठिन समय में ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल उनके लिए उम्मीद की अंतिम किरण बनकर सामने आया सितंबर 2025 में प्रांजल का इलाज ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल में प्रारंभ हुआ जहां इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ द्वियेश लाड़ औरडायलिसिस विभाग की टीम ने उसकी स्थिति को गंभीरता से समझते हुए नियमित डायलिसिस शुरू करवाई। इसी दौरान हॉस्पिटल की कार्यकारी निदेशक श्रीमती देवांशी चौकसे ने परिवार से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। इसके बाद नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. मधुर मणियार, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर श्रीमती प्रीति खैरनार एवं विशेषज्ञ टीम के मार्गदर्शन में लगभग तीन महीनों तक डोनर एवं रिसीपिएंट की विस्तृत जांच, काउंसिलिंग और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। सभी जांचों के बाद यह तय हुआ कि प्रांजल की माता श्रीमती रजनी काटेकर अपनी किडनी दान करेंगी। सोटो मध्यप्रदेश से अनुमति प्राप्त होने के बाद 15 मई 2026 को सुबह 6 बजे ऑल इज़ वेल में शैलबी हॉस्पिटल इंदौर की संयुक्त विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने यह जटिल प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक संपन्न किया। ऑपरेशन के बाद डोनर और रिसीपिएंट दोनों स्वस्थ हैं और तेजी से रिकवर कर रहे हैं।इस सर्जरी में यूरोसर्जन डॉ. प्रशांत खैरनार, डॉ. पृथ्वीराज गोमसाले, नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. प्रांजल काशिव, डॉ. मधुर मणियार, एनेस्थिसियोलॉजिस्ट डॉ. हितेषी बैस तथा डॉ. विनित जैन के नेतृत्व में शैलबी इंदौर की विशेषज्ञ टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही इस पूरे मामले की जानकारी अस्पताल के फाउंडर चेयरमैन आनंद प्रकाश चौक से और उनकी डॉक्टर टीम ने संयुक्त रूप से मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि छोटे शहर में अब बड़े ऑपरेशन भी आसान हो गए हैं इस सफलता पर आनंद प्रकाश चौक से ने प्रसन्नता जताई है।

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