तेजी से घट रहा ताप्ती नदी का जल स्तर जिम्मेदार सिंचाई विभाग बेखबर

0
71

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) ताप्ती नदी पर बोरी बंधान न बनने से जल संकट की आशंका बुरहानपुर शहर से होकर गुजरने वाली ताप्ती नदी यहां के जल स्रोतों के लिए जीवनदायिनी मानी जाती है। हर वर्ष गर्मी के मौसम में इस नदी में जल प्रवाह बनाए रखने और जल संरक्षण के लिए सामाजिक संगठन ऑन और सिंचाई विभाग के द्वारा बोरी बंधान बनाए जाते हैं। लेकिन इस वर्ष बोरी बंधान न बनने के कारण नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है, जिससे शहर के कुएं, बावड़ियाँ और अन्य जल स्रोत प्रभावित हो सकते हैं जिस से शहर को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। ताप्ती नदी के जल से ही बुरहानपुर और आसपास के क्षेत्रों में भू-जल स्तर संतुलित रहता है। बोरी बंधान बनने से नदी का जल धीरे-धीरे रिसकर भू-जल स्तर को बनाए रखता है, जिससे कुएं, हैंडपंप और बावड़ियाँ जल से भरपूर रहते हैं। लेकिन इस वर्ष जल प्रवाह को रोकने के लिए कोई ठोस व्यवस्था न होने के कारण नदी का जल बिना रुके बेह गया सिंचाई विभाग के द्वारा ताप्ती नदी के विभिन्न स्थानों पर बैराज तो बनाए गए लेकिन उनके द्वार बंद नहीं करने तथा उससे होने वाले जल रिसाव को नहीं रोका गया जिससे ताप्ती नदी का लाखों क्यूबिक्स जल व्यर्थ बह गया। जिसके चलते गर्मी के इस मौसम में जल संकट और भी गंभीर हो सकता है क्योंकि तापमान बढ़ने के साथ ही जल का वाष्पीकरण तेज़ी से होता है। जब नदी में जल नहीं रहेगा, तो भू-जल स्तर भी नीचे चला जाएगा और जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। शहर के कई हिस्सों में पेयजल आपूर्ति का मुख्य स्रोत भू-जल ही है। यदि कुएं और हैंडपंप सूख जाते हैं, तो लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ेगा। कई क्षेत्रों में पहले ही जल संकट की स्थिति बनी हुई है, ताप्ती नदी के जल स्तर में गिरावट होने से तटीय क्षेत्र में होने वाली खेती किसानी के कार्यों पर भी प्रभाव पड़ेगा, खेती के लिए सिंचाई की व्यवस्था प्रभावित होगी, जिससे फसल उत्पादन भी प्रभावित होगा। अब भी समय रहते यदि जिम्मेदार विभाग के द्वारा ताप्ती नदी के बहते जल को रोकने की कोशिश की जाती है तो आने वाले समय में होने वाले जल संकट को कम किया जा सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here