बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) जिला अस्पताल में हुई प्रसूता और नवजात की मौत का मामला गंभीर रूप ले चुका है। घटना को एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है इस घटना के बाद कलेक्टर हर्ष सिंह ने तुरंत अस्पताल का दौरा किया था और मामले की गहन जांच के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके, अभी तक अस्पताल प्रशासन ने जांच पूरी नहीं की है ज्ञात हो की सप्ताह भर पहले प्रसुता को परिजनों ने जिला अस्पताल बुरहानपुर में प्रसव के लिए भर्ती कराया था तीन दिनों तक भारती रहने पर उसे सामान्य रूप से प्रसव नहीं होने पर परिवार जनों ने ऑपरेशन कर डिलीवरी करने का अनुरोध किया था लेकिन जिला अस्पताल में बढ़ती लापरवाही के चलते प्रसूता का ऑपरेशन नहीं किया गया तथा उसकी तबीयत बिगड़ने पर आनंन-फानन में प्रस्व के लिए ऑपरेशन तो किया गया लेकिन तब तक नवजात की मौत हो चुकी थी इसके साथ ही प्रसूता की तबीयत भी बिगड़ गई जिसे अस्पताल प्रशासन ने परिजनों के माध्यम से एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था जहां प्रसूता की भी मौत हो गई इस मामले को लेकर परिजनों के द्वारा जिला अस्पताल में भारी हंगामा किया गया था तथा अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए गए थे इस घटना के बाद जिला कलेक्टर ने अस्पताल का दौरा कर वस्तु स्थिति को जाना और मामले की जांच के निर्देश दिए थे लेकिन अस्पताल प्रशासन ने अब तक इस मामले की जांच पूरी नहीं की है परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल बुरहानपुर के जजकी वार्ड का यह पहला मामला नहीं है इस प्रकार की घटनाएं यहां आए दिन होती है डॉक्टरों की लापरवाही इसका सबसे बड़ा कारण है यहां समय पर इलाज नहीं मिलना आम बात हो गई है इसके साथ ही जिला अस्पताल में बेहोशी के डॉक्टर की कमी भी एक बड़ा कारण है जिसको लेकर अस्पताल प्रशासन गंभीर नहीं है प्रसुता और नवजात की मौत के मामले में कलेक्टर के द्वारा जांच के निर्देश पर अस्पताल अधीक्षक के द्वारा स्थानीय डॉक्टरों की ही एक कमेटी बनाकर जांच कराई जा रही है ऐसे में जांच रिपोर्ट क्या होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है!