बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के लिए सर्वेक्षण टीम जल्द ही बुरहानपुर पहुंचने वाली है जनवरी में होने वाला यह सर्वेक्षण अब मार्च माह के अंतिम सप्ताह में किया जा रहा है स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में सर्वेक्षण के नियमों में बदलाव किया गया है जिसके चलते नगर निगम को स्वच्छता के दस्तावेजी प्रमाण भी देना होंगे सर्वेक्षण टीम दस्तावेजों के आधार पर ही शहर में साफ सफाई ड्रेनेज व्यवस्था कचरा प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं को देखकर रैंकिंग तय करेगी लेकिन नगर निगम बुरहानपुर अब भी स्वच्छता बनाए रखने में कोसों दूर है दिखावे के नाम पर कुछ व्यवस्थाएं मुख्य स्थान पर की गई है लेकिन शहर का भीतरी भाग अब भी गंदगी की चपेट में है लोहार मंडी सिंधीपुरा मुख्य मार्ग पर ड्रेनेज का गंदा पानी मुख्य मार्गों पर बहकर लोगों को आवा गवन में दिक्कत दे रहा है यहां निगम कोई ध्यान नहीं दे रहा है स्वच्छता सर्वेक्षण टीम की दस्तक शहर पहुंचने के लिए हो चुकी है, लेकिन शहर की वास्तविक स्थिति इस अभियान के उद्देश्यों के बिल्कुल विपरीत है। मुख्य मार्गों से लेकर गलियों तक गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जगह-जगह फैला कचरा, बजबजाती नालियां, और दुर्गंध भरी सड़कों की स्थिति देखकर यह कहना कठिन हो जाता है कि नगर निगम द्वारा स्वच्छता के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद यहां सफाई व्यवस्था नहीं है सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाना है, लेकिन बुरहानपुर में यह केवल कागजों तक ही सीमित दिखाई दे रहा है वार्ड पार्षद सफाई को लेकर शिकायत कर कर थक चुके हैं लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस और ध्यान नहीं दे रहे हैं स्वास्थ्य विभाग में सफाई कर्मचारियों का स्थाई और ठेका कर्मचारियों का भारी भरकम स्टाफ है लेकिन बावजूद इसके शहर के चारों ओर गंदगी देखी जा सकती है नगर निगम द्वारा स्वच्छता के लिए बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है कचरा प्रबंधन में लापरवाही, सफाई कर्मचारियों की उदासीनता और प्रशासन की निष्क्रियता ने इस अभियान को मजाक बना दिया है।