युक्ति युक्त कारण से चौपट हुई व्यवस्था उर्दू शालाओं में हिंदी शिक्षकों की नियुक्ति विरोध,में उतारे विद्यार्थि और पालक

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) जिले की उर्दू माध्यम शालाओं में हिंदी विषय के शिक्षकों की नियुक्ति किए जाने को लेकर विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों का विरोध लगातार जारी है। कोई एक वर्ष पूर्व शासन की युक्ति युक्त कारण की योजना के तहत ऐसा किया गया है जिसके चलते उर्दू माध्यम में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए उर्दू भाषा का ज्ञान रखने वाले शिक्षकों की आवश्यकता है, जबकि हिंदी भाषा के शिक्षक उर्दू पढ़ाने में सक्षम नहीं हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनका शैक्षणिक भविष्य भी संकट में पड़ गया है। इसी समस्या को लेकर बड़ी संख्या में विद्यार्थी और उनके अभिभावक जनसुनवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। उन्होंने बताया कि उर्दू माध्यम के विद्यार्थियों को भाषा संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हिंदी शिक्षक स्वयं उर्दू भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं रखते, जिसके कारण विद्यार्थियों को विषय समझने में परेशानी हो रही है। वहीं विद्यार्थी भी अपनी शंकाओं का समाधान नहीं कर पा रहे हैं।अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उर्दू माध्यम विद्यालयों में उर्दू भाषा का ज्ञान रखने वाले योग्य शिक्षकों की नियुक्ति आवश्यक है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम और भविष्य दोनों प्रभावित होंगे।जनसुनवाई में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि उर्दू शालाओं में विषय एवं माध्यम के अनुरूपशिक्षकों की पदस्थापना की जाए, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। प्रतिनिधिमंडल को मामले की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। अब विद्यार्थियों और अभिभावकों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द ही आवश्यक कदम उठाएगा।



