विशेष लोक अदालत का होगा आयोजन

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बुरहानपुर के अध्यक्ष/प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती विधि सक्सेना मार्गदर्शन में विशेष लोक अदालत हेतु धारा 138, पराक्राम्य लिखत अधिनियम प्रकरणों के संबंध में द्वितीय जिला न्यायाधीश श्रीमान निलेश कुमार जिरेती, सचिव/व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड श्रीमान प्रेमदीप सांकला एवं जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्रीमान सत्यनारायण वाघ, सचिव श्रीमान संतोष देवताले के साथ-साथ सम्मानीय अधिवक्तागणों की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। उक्त बैठक में प्रभारीअधिकारी द्वितीय जिला न्यायाधीश श्रीमान निलेश कुमार जिरेती ने बताया कि धारा 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम हेतु विशेष लोक को सफल बनाये जाने के उद्देश्य से प्रकरणों को चिन्हित कर आपसी सहमति के आधार पर अंतिम निराकरण किये जाने हेतु प्रेरित किया साथ ही अधिवक्तागण से चर्चा कर राजीनामा योग्य प्रकरणों की सूची तैयार कर जानकारी प्रदान करने हेतु निर्देशित किया। सचिव/व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड श्रीमान प्रेमदीप सांकला ने कहा कि लोक अदालत में प्रकरण का निराकरण करने से पक्षकारों के मध्य मधुर एवं सौहार्दपूर्ण संबंध बने रहते हैं। राजीनामा में न कोई की हार न कोई की जीत होती है। उभयपक्ष का निर्णय अंतिम होता है, क्योंकि उसकी कोई अपील नहीं होती है। न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की पेंडेंसी भी कम होती है। उक्त बैठक श्री सांकला द्वारा लोक अदालत को सफल बनाने हेतु अधिवक्तागण से सुझाव आमंत्रित किये एवं अपील की गई कि वे अपने राजीनामा योग्य लंबित प्रकरण को उक्त विशेष लोक अदालत के माध्यम से आपसी समझौते के आधार पर राजीनामा कर निराकृत कराकर दिनांक 18 जुलाई, 2026 को विशेष लोक अदालत में रखे जाने वाले प्रकरणों में मिलने वाली छूट का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। विशेष लोक अदालत में दोनों पक्षों की जीत होती है तथा समझौता/राजीनामा से निराकृत होने वाले प्रकरणों में कोर्ट फीस की वापसी भी हो जाती है एवं विशेष लोक अदालत में रखे जाने वाले नियमानुसार मिलने वाली छूट का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है।



