बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) शहर से लगभग चार किलोमीटर दूर बहादरपुर रोड स्थित नए भवन में संचालित जिला चिकित्सालय में लंबे समय से शाम की ओपीडी बंद रहने के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शहर से दूर होने के चलते ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के मरीजों के लिए दिन में समय निकाल पाना कठिन होता है, ऐसे में शाम की ओपीडी उनके लिए बड़ी राहत साबित हो सकती थी। लेकिन नए भवन में शिफ्ट होने के बाद से यह सुविधा ठप पड़ी थी, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा था। मरीजों और उनके परिजनों का कहना था कि दिन के समय कामकाजी लोग अस्पताल नहीं पहुंच पाते, और आपातकालीन स्थिति में उन्हें निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जहां इलाज महंगा पड़ता है। इस संबंध में कई बार शिकायतें भी की गईं और स्थानीय समाचार पत्रों ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, फिर भी स्थिति में कोई ठोस सुधार देखने को नहीं मिला। शनिवार को अचानक कायाकल्प टीम के जिला अस्पताल पहुंचने पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। टीम ने पाया कि अस्पताल में अन्य व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं, साफ-सफाई और वार्ड प्रबंधन भी बेहतर है, लेकिन शाम की ओपीडी बंद होने से मरीजों को अनावश्यक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए नवागत अस्पताल अधीक्षक सीएमओ डॉ. दर्पण टोक ने आश्वासन दिया कि शाम की ओपीडी को सुव्यवस्थित किया जा रहा है और जल्द ही इसे नियमित रूप से संचालित किया जाएगा।डॉ. टोक ने कहा कि अस्पताल प्रशासन मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता दे रहा है और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है। यदि शाम की ओपीडी पुनः शुरू होती है तो निश्चित ही मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी और जिला चिकित्सालय पर जनता का विश्वास और मजबूत होगा।










