बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) रक्षा बंधन का पर्व हर साल सावन मास की पूर्णिमा को बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाने वाला पर्व है। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम, स्नेह विश्वास और सुरक्षा के अटूट बंधन का प्रतीक है। शनिवार को मुहूर्त के साथ बहनों ने अपने भाई की कलाई पर राखी बाँधी और उसकी लंबी उम्र,सुख-समृद्धि की कामना की तो बदले में भाईओं ने अपनी बहन की रक्षा करने का वचन दिया इस वर्ष भी रक्षा बंधन के अवसर पर लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। बाजारों में रंग-बिरंगी राखियों की रौनक छाई रही। बहनों ने सुंदर राखियाँ चुनकर अपने भाइयों की कलाई को सजाया परिवारजनों ने मिलकर इस पर्व का आनंद लिया। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक सभी में उल्लास देखने को मिला। रक्षा बंधन न केवल पारिवारिक प्रेम को दर्शाता है, बल्कि सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश भी देता है। रक्षा बंधन पर्व पर अनेक मुस्लिम बहनों ने भी अपने हिंदू भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर एकता का संदेश दिया यह पर्व हमें याद दिलाता है कि स्नेह और कर्तव्य का बंधन ही रिश्तों को मजबूत बनाता है। आज के दौर में इस पावन पर्व की भावना को जीवित रखना अत्यंत आवश्यक हो गया है। रक्षाबंधन पर्व को ध्यान में रखते हुए जिला एवं पुलिस प्रशासन के द्वारा सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई जिससे सहज रूप से बहनों ने बाजार से सुंदर राखियों खरीदी।











