Thursday, October 15, 2026
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सैया भय कोतवाल तो फिर डर काहे का इस कहावत को चरितार्थ कर रहे शहर के मूर्तिकार

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) आगामी माह में धार्मिक त्योहारों की धूम होने के चलते प्रशासन में कानून व्यवस्था को बनाए रखना तथा सभी को सुविधा की दृष्टि से चार महापूर्व शहर के मूर्तिकारों की बैठक लेकर शहर की कानून व्यवस्था और सुविधा के लिए गणेश प्रतिमाओं की ऊंचाई निर्धारित करते हुए 10 फीट तक तय की गई थी इससे अधिक की प्रतिमाओं पर प्रतिबंध लगाया गया है इस प्रतिबंध के पालन के लिए समय-समय पर जिम्मेदार अधिकारियों ने मूर्तिकारों के कारखाने का निरीक्षण कर जांच की तथा निर्धारित ऊंचाई से अधिक बड़ी प्रतिमाओं के निर्माण को लेकर चेतावनी दी इसके बाद भी मूर्तिकार शहर सहित बाहर के लिए 12 से 15 फीट से अधिक ऊंचाई की प्रतिमाओं का निर्माण किया है मूर्तिकारों के साथ गणेश मंडल के जिम्मेदारों से भी प्रशासन की चर्चा के बाद शासन आदेशों का पालन नहीं करने पर फिर किए जाने की बात सामने आने से मूर्तिकार इस कहावत को चरितार्थ करते दिखाई दे रहे हैं कि जब सैंया भए कोतवाल तो फिर डर काहे का इतनी कड़ी चेतावनी के चलते बड़ी गणेश प्रतिमाएं निर्माण के बाद पंडालून तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा जबकि पिछले वर्षों के अनुभव और जनहानि को ध्यान में रख 10 फीट की प्रतिमाएं निर्माण की बात की गई लेकिन मूर्तिकारों पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दिया अब जब की गणेश स्थापना का समय करीब है लेकिन प्रशासन और मूर्तिकारों के बीच बने गतिरोध के चलते प्रशासन किस प्रकार इन प्रतिमाओं को बैठने की अनुमति प्रदान करता है जबकि शहर में ओवरहेड विद्युत लाइनों के चलते क्षेत्र में बिजली पुल के हालात बनते हैं जिससे आम नागरिक परेशान होता है अब भी ऐसी ही स्थिति बनने के असर है अब देखना या होगा कि प्रशासन किस प्रकार इन बड़ी प्रतिमाओं के स्थापना को रोक पाता है!

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