बुरहानपुरमध्य प्रदेश

शहर की प्यास बुझाने को लागू की गई अमृत योजना सातव र्षों के बाद भी कार्य अधूरा

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) तत्कालीन महापौर अनिल भोसले के कार्यकाल में अमृत योजना के नाम से ताप्ती जलावर्धन योजना 131 करोड़ की लागत से शुरू की गई थी जिसका उद्देश्य शहर वासियों को शुद्ध फिल्टर जल पिलाना था लेकिन 7 वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी यह योजना अब तक अधूरी है अनेक वार्डों में पाइप लाइन नहीं डाली गई है इसको लेकर मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में किसी न किसी वार्ड से इसकी शिकायतें मिल रही है बुरहानपुर शुद्ध जल के लिए तरस रहा है लेकिन लाल फीताशाही और लेट लतीफे के चलते यह योजना अब भी अधर में लटकी हुई है मंगलवार को फिर राजपुरा वार्ड सहित अन्य वार्ड के पार्षदों के द्वारा जल आवर्धन योजना को लेकर शिकायत की गई अधिकारियों के द्वारा केवल आश्वासन दिया जा रहा है पूरे शहर को एक समय में पानी पिलाने की यह योजना मूलत रूप लेते दिखाई नहीं दे रही है कंपनी के द्वारा शहर के बड़े हिस्से में पाइप लाइनों को डालने का कार्य तो पूरा किया गया है डोर टू डोर कनेक्शन अब भी बाकी है जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन डाली जा चुकी है वहां नल से जल नदारत है व्यवस्था किस प्रकार बनाई जाए अधिकारी इसको समझ ही नहीं पा रहे हैं कुछ भागों में पानी व्यर्थ बह रहा है तो कहीं पानी नहीं पहुंच रहा है ऐसे में करोड़ों की यह अमृत योजना विफल होती नजर आ रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button