बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) जिला चिकित्सालय का क्षय रोग नियंत्रण विभाग दिखावे के लिए क्षय रोग दिवस व अन्य आयोजन कर लोगों को जागरूक होने की नसीहत करता है परंतु यहां चिराग तले अंधेरा ही है जिले में प्रति माह क्षय रोगियों का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है परंतु टी बी के मरीजों को भर्ती कर उपचार करने के लिए कोई अलग से वार्ड या भवन नहीं है जहां उन्हें भर्ती कर उपचार किया जा सके 7 वर्ष से अधिक समय से टी बी के मरीजों को जिला चिकित्सालय के मुख्य भवन के एक वार्ड में भर्ती किया जा रहा है टी बी के मरीज जिला अस्पताल में घूमते देखे जा सकते हैं जो कहीं भी खांसी आने पर बलगम थूक कर रोग को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं इसकी किसी को परवाह नहीं सैद्धांतिक रूप से टी बी के मरीजों को भर्ती करने के लिए अलग भवन होना चाहिए जहां वार्ड बनाकर मरीजों को भर्ती किया जाए लेकिन 32 करोड़ के इस विशाल भवन में टी बी रोग के मरीजों के लिए अलग भवन की व्यवस्था नहीं की गई है इतना ही नहीं वर्तमान में जो मरीज मुख्य चिकित्सालय भवन में भर्ती हैं तथा जिनका उपचार घर पर रहकर किया जा रहा है उन्हें पोषण आहार की राशि का वितरण भी लंबे समय से नहीं किया गया है इस संबंध में जब क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी श्री जोशी से बात की गई तो उनका टकासा जवाब था कि बिना केवाईसी के राशि का वितरण नहीं किया जा सकेगा लेकिन शिकायतों में यह भी सामने आया है की केवाईसी करने के बाद भी राशि का मरीज के खाते में नहीं पहुंचने की शिकायत टोल फ्री नंबर पर की जा चुकी है उसके बाद भी मरीज परेशान है बुरहानपुर शहर पावर लूम और बीड़ी का शहर है जो टीवी का मुख्य कारण है फिर भी यहां किसी को कोई परवाह नहीं बस क्षय रोग दिवस और जागरूकता अभियान चलाकर आतीश्री कर ली जाती है जबकि टी बी के मरीजों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है तब कहीं जाकर इस रोग पर नियंत्रण संभव है।











