जिले का पारंपारिक कपड़ा उद्योग मजदूरी को लेकर फिर उठी मांग

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बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) जिले का पारंपरिक कपड़ा उद्योग और उसमें लगे मजदूरों की मजदूरी को लेकर बुनकर संघ और मास्टर दिवस के बीच आपसी रजामंदी से बैठकर मजदूरी तय होती आई है वर्तमान में मजदूरों को 5 वर्ष पुरानी मजदूरी का भुगतान जारी पिछले वर्ष मजदूरी को लेकर बुनकर संघ मास्टर रिवर्स और श्रम विभाग के बीच मामला उलझने के चलते मजदूरी नहीं बढ़ सकी थी 2023 में तय हुई ₹25 रुपए 25 पैसे प्रति पिक के मान से तय अनुसार ही मजदूरी मिल रही है पिछले वर्षों में महंगाई बढ़ी है ऐसे में अब मजदूरों की मजदूरी ₹25 पैसे प्रतिपित के स्थान पर 29 रुपए प्रति पिक का मांग पत्र बुनकर संघ के अध्यक्ष के दो दिन पूर्व देकर एक वक्तव्य जारी कर बताया गया है कि पावरलूम बुनकरों की मजदूरी मास्टर विवर्स और टैक्सटाइल एसोसिएशन के द्वारा नहीं बढ़ाई जाती है हर बार कपड़े में मंडी और अंडरकास्ट का बहाना बनाकर मजदूरी बढ़ोतरी को टाल दिया जाता है यदि उत्पादन अंडर कास्ट होकर इसकी डिमांड बाजार में नहीं है तो फिर काम मजदूरी पर कपड़ा क्यों तैयार कराया जाता है बुनकर संघ ने मांग पत्र जिला प्रशासन को देकर मजदूरों की मजदूरी वर्तमान महंगाई दर से जोड़कर तय की जाए बुनकर संघ ने 29 रुपए प्रति पिक की मांग रखी है जिसे पूरा किया जाना आवश्यक है।

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