ईरान इराक दुबई खजूर की धूम सैकड़ो टन की खपत का बाजार है बुरहानपुर

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बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) रमजान में खजूर की बढ़ती मांग रोजाना टनों में खपत पवित्र माह रमजान के आगमन के साथ ही बाजारों में खजूर की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इस्लाम धर्म में रोजा खोलने यानी इफ्तार की शुरुआत खजूर खाकर करने की परंपरा है, इस लिए रमजान के दौरान खजूर का विशेष महत्व होता है। यही कारण है कि रमजान शुरू होने से पहले ही व्यापारियों द्वारा इसकी पर्याप्त व्यवस्था कर ली जाती है। बुरहानपुर शहर में भी रमजान के दौरान खजूर की भारी खपत देखने को मिलती है। सामान्य दिनों की तुलना में इस महीने में खजूर की मांग कई गुना बढ़ जाती है। शहर में प्रतिदिन लगभग दो टन से अधिक खजूर की खपत होती है। व्यापारी बताते हैं कि रमजान के दौरान ग्राहकों की जरूरत को देखते हुए पहले से ही अलग-अलग किस्म की खजूर मंगाई जाती हैं बुरहानपुर के बाजारों में मुख्य रूप से ईरान, इराक और दुबई से आयातित खजूर उपलब्ध होती हैं। इनमें अजवा, माबरूम, सफावी, किमिया और मेडजूल जैसी कई लोकप्रिय किस्में शामिल हैं। इनकी कीमत।गुणवत्ता और आकार के अनुसार अलग अलग होती है, जिससे हर वर्ग का व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार खजूर खरीद सकता है।रमजान में इफ्तार के समय खजूर खाने के पीछे धार्मिक और स्वास्थ्य दोनों ही कारण माने जाते हैं। खजूर ऊर्जा का अच्छा स्रोत है और पूरे दिन रोजा रखने के बाद शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है। इसमें प्राकृतिक शर्करा, फाइबर और कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं। व्यापारियों के अनुसार रमजान के दौरान खजूर का बाजार सैकड़ों टन तक पहुंच जाता है और कारोबार में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है। जैसे-जैसे रमजान के दिन आगे बढ़ते हैं, वैसे-वैसे बाजारों में खजूर की खरीदारी भी बढ़ती जाती है। इस तरह पवित्र रमजान के महीने में खजूर न केवल धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि स्थानीय बाजारों और व्यापारियों के लिए भी एक बड़ा आर्थिक अवसर बन जाती है।

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