बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) नौ दिनों तक चलने वाले शारदीय नवरात्रि पर्व नवमी पूजा के साथ आज संपन्न हुआ देर रात्रि के पश्चात माता दुर्गा रानी की प्रतिमाओं का विसर्जन होकर गुरुवार को दशहरा पर्व मनाया जाएगा जिसमें बुराई पर अच्छाई की जीत दशहरा रावण दहन के साथ मनाया जाएगा बुधवार मध्य रात्रि के पश्चात माता दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन भक्तों द्वारा श्रद्धा के साथ किया गया। दुर्गा विसर्जन का यह दृश्य आस्था, उल्लास और भावनाओं से भरा होता है। इसके अगले दिन, अर्थात गुरुवार को दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। दशहरा को असत्य पर सत्य की विजय तथा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन होगा जो यह संदेश देता है कि चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, आखिर जीत सदैव अच्छाई की ही होती है। दशहरा का पर्व समाज को नैतिकता, सत्य, धर्म और संयम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि हमें अपने भीतर की नकारात्मक प्रवृत्तियों—जैसे अहंकार, क्रोध, लोभ और द्वेष—का दहन कर सच्चे मन से जीवन जीना चाहिए। इस प्रकार शारदीय नवरात्रि और दशहरा न केवल धार्मिक आस्था के पर्व हैं, बल्कि यह संस्कारों और जीवन मूल्यों का उत्सव हैं। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर रेणुका माता मंदिर पर विशेष मेले का आयोजन होता है यहां भक्ति प्रातः से ही नंगे पांव माता के दर्शन करने पहुंचते हैं दस दिनों तक इस मेले के आयोजन के बाद दशहरे के अवसर पर यहां रावण का पुतला दहन किया जाता है।











