बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति दिन-ब-दिन बदहाल होती जा रही है। यहां डॉक्टरों की भारी कमी मरीजों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है। आए दिन ऐसी शिकायतें सामने आती हैं कि मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। शासन के प्रशासनिक आदेशों के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों को उनके मूल कार्य से हटाकर अन्य विभागों का प्रभार दे दिया गया है, जिससे मरीजों की चिकित्सा संबंधी आवश्यकताएं पूरी नहीं हो पा रही हैं। इस अव्यवस्था का असर सीधे तौर पर मरीजों पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल में पहले से ही डॉक्टरों की कमी है ऐसे में शेष डॉक्टरों को गैर-चिकित्सकीय कार्यों में लगाए जाने से इलाज प्रभावित हो रहा है। प्रथम श्रेणी के डॉक्टर को विभागों का प्रभाव देकर मरीज के साथ अन्याय किया जा रहा है जिसके चलते यहां दूसरी पारी में जिला चिकित्सालय में डॉक्टर के नहीं होने से यहां आने वाले मरीज बैरंग लौट रहे हैं खासतौर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपलब्धता से गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को निजी नर्सिंग होम का मुंह देखना पढ़ रहा है, जिससे गरीब और दूरदराज से आने वाले लोगों को भारी परेशान होना पड़ रहा है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब जिले के एकमात्र नेत्र चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टर का भी स्थानांतरण कर दिया गया। पिछले तीन महीनों से यहां नेत्र ऑपरेशन पूरी तरह बंद हैं। इसका प्रभाव विशेष रूप से उन लोगों पर पड़ा है जो मोतियाबिंद जैसे सामान्य लेकिन समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण गंभीर नेत्र रोग से पीड़ित होकर अपनी आंखों की रोशनी गवाने को मजबूर हो गए हैं नेत्र चिकित्सा सेवाओं का बंद होना जिले की जनता के लिए चिंताजनक बात है, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को उजागर करती है।












