बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) एक जिला एक उत्पाद के तहत बुरहानपुर के केले को स्थान मिला है केले और केले के पत्तों तने और उसके रेशे से स्व सहायता समूह अनेकों उत्पाद बन चुका है जिनका विदेश में भी निर्यात हुआ है हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं केले के तन्हे से निकलने वाले रेशे से आकर्षित राखीयों का निर्माण कर रही है जो रक्षाबंधन के अवसर पर भाई की कलाई पर सज कर इको फ्रेंडली का संदेश देगी इन राखीयों की खूबसूरती को देखकर कलेक्टर हर्षि सिंह ने इस की सरहाना की है। रक्षाबंधन के अवसर पर बाजार में अनेक प्रकार की राखियां उपलब्ध है सोने चांदी से लेकर सूत के धागे की राखियां बाजार में उपलब्ध है लेकिन केले के तन्हे से निकलने वाले रेशे से बनी इन राखीयों का अपना एक अलग महत्व है यह राखियां जहां बाजार में दुकानों पर उपलब्ध है वहीं इन राखियों को स्व सहायता समूह की महिलाओं ने ऑनलाइन बेचने का विकल्प भी खुला रखा है ऑनलाइन ऑर्डर मिलने पर यह विशेष प्रकार की राखियां महिलाएं दिए गए पते पर भेजने की भी व्यवस्था कर रखी है जिस से इन समूह की महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ अच्छी आमदनी भी हो रही है, इसके साथ ही एक जिला एक उत्पाद का सपना भी सच हो रहा है स्व सहायता समूह राखीयों के साथ अन्य वस्तुएं भी बनाकर विदेशों तक पहुंचा चुके हैं।











