Wednesday, September 2, 2026
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Homeबुरहानपुरआत्मनिर्भर बनती महिलाएं केले के रेशे से तैयार कर रही राखियाँ

आत्मनिर्भर बनती महिलाएं केले के रेशे से तैयार कर रही राखियाँ

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) राखी के त्यौहार के लिए जिले में केले के फायबर से बनी राखियाँ तैयार की जा रही है। जिले में महिलायें बडे़ उत्साह के साथ आगे आकर आकर्षक राखियाँ तैयार कर रही है। यह राखियाँ इतनी मनमोहक है कि व्यक्तियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रही है। विदित है कि सखी सहेली सामुदायिक प्रशिक्षण केन्द्र खकनार में स्वयं सहायता समूह की महिलायें केले के फायबरध रेशे से आकर्षक सामग्रियाँ जैसे.झूलेए मोबाईल कवर झूमर पेन होल्डर स्टैण्ड गुडिया गणेश जी की प्रतिमा इत्यादि वस्तुयें बनाना सीख रही है। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल के मार्गदर्शन में महिलाओं को रोजगार के अवसर सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से विभिन्न ड्रेड़ों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। चूँकि केला फसल जिले की प्रमुख फसल है। जिसके रेशे का उपयोग कर के वस्तुओं को तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण रायसेन जिले से आयी प्रशिक्षिका श्रीमति अनिशा बी द्वारा दिया जा रहा है। खकनार प्रशिक्षण केन्द्र में 60 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षार्थी श्रीमति मीना श्रीमति कान्ता बताती है कि ट्रेनिंग के माध्यम से हम बडे़ ही आसानी से वस्तुयें बनाना सीख रहें है। जिन्हें तैयार कर हम विक्रय करते हुए आर्थिक लाभ भी कमा सकेंगे। आने वाले राखी के त्यौहार के लिए हमारे द्वारा राखियाँ बनायी जा रही है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की महिलायें आत्मनिर्भर बनें रोजगार के अवसर मिलें वित्तीय प्रबंधन में सुदृढ़ता मिलें तथा आर्थिक रूप से सशक्त बनें।

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