बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) गणेश उत्सव अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। शुक्रवार को शहर की गलियों और मोहल्लों में विराजित छोटी व मध्यम आकार की गणेश प्रतिमाओं को श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण विदाई दी। ढोल-ताशों और गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के बीच प्रतिमाएं ताप्ती नदी के राजघाट और सत्यारा घाट पहुंचीं, जहां विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। शहर की पुरानी परंपरा के अनुसार छोटी प्रतिमाओं का विसर्जन एक दिन पहले किया जाता है, जबकि बड़ी प्रतिमाओं के लिए अनंत चतुर्दशी के दिन भव्य चल समारोह निकाला जाता है। शनिवार को शहर की सड़कों पर बड़े गणेश मंडलों की प्रतिमाएं निकलेंगी। इसके साथ ही 12 दिवसीय गणेश उत्सव का समापन भी हो जाएगा। चल समारोह को लेकर प्रशासन अलर्ट है बड़ी प्रतिमाओं के चल समारोह को देखते हुए जिला और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। जुलूस के मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती, यातायात व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण पर विशेष नजर रहेगी। प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस अधिकारियों की निगरानी रहेगी। शुक्रवार को छोटी प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान राजघाट और सत्यारा घाट पर प्रशासन की मौजूदगी रही। शनिवार को बड़ी प्रतिमाओं के पहुंचने के साथ घाटों पर भीड़ और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है अनंत चतुर्दशी पर शहर गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयघोष से गूंजेगा और भक्त अगले वर्ष फिर बप्पा के आगमन की कामना के साथ उन्हें विदाई देंगे।


