गुटों मैं बटी कांग्रेस अल्पसंख्यक कांग्रेस की स्थिति पर ऑब्जर्वरों ने टटोली नब्ज

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) प्रदेश में अल्पसंख्यक कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने की कवायद के तहत पार्टी हाईकमान द्वारा विभिन्न जिलों में ऑब्जर्वर भेजे जा रहे हैं। इनका उद्देश्य जिला अध्यक्ष पद के लिए उपयुक्त नामों पर रायशुमारी करना तथा जिले में संगठन की वर्तमान स्थिति का आकलन करना है। इसी क्रम में बुरहानपुर में भी दो अलग-अलग आयोजनों में दो ऑब्जर्वर पहुंचे, जिन्होंने स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा कर संगठन की जमीनी स्थिति की जानकारी ली। और पाया कि यहां कांग्रेस गुटों में बटी हुई नजर आ रही है बैठकों के दौरान कार्यकर्ताओं से जिला अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों के संबंध में सुझाव लिए गए। साथ ही यह भी जानने का प्रयास किया गया कि संगठन को किस प्रकार अधिकसक्रिय और मजबूत बनाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार ऑब्जर्वरों ने पाया कि बुरहानपुर में अल्पसंख्यक कांग्रेस की सक्रियता पिछले कुछ समय से कमजोर होकर गुटों में बटी हुई नजर आ रही है संगठन की बैठकों, सदस्यता अभियान और जनसंपर्क कार्यक्रमों में भी कमी देखने को मिली है, जिसके कारण संगठन कमजोर नजर आ रहा है। बैठकों में कई कार्यकर्ताओं ने संगठन में नई ऊर्जा लाने युवाओं को जिम्मेदारी देने और नियमित कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यकर्ताओं का मानना था कि ऐसा जिला अध्यक्ष नियुक्त किया जाए जो सभी वर्गों को साथ लेकर गोटिए राजनीति से ऊपर उठकर चल सके और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय बनाने की क्षमता रखता हो। बताया जा रहा है कि ऑब्जर्वर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेंगे। इसके आधार पर बुरहानपुर जिला अल्पसंख्यक कांग्रेस के नए अध्यक्ष के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा राजनीतिक हलकों में इस नियुक्ति को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है और कई नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के रूप में सामने आ रहे हैं पार्टी कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि नए नेतृत्व के चयन के बाद जिले में अल्पसंख्यक कांग्रेस को नई दिशा और मजबूती मिल सकेगी।



