बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) डॉक्टर दर्पण टोके के सिविल सर्जन बनने के बाद जिला चिकित्सालय में कुछ मूलचूल परिवर्तन देखने को मिले हैं डॉक्टर टोके के सिविल सर्जन बनने के बाद उनका पहला कमिटमेंट शाम की ओपीडी शुरू करने को लेकर किया गया था जिसे पूरा तो किया गया लेकिन मरीजों को शाम की ओपीडी की जानकारी नहीं होने से मरीज कम पहुंच रहे हैं पर उन्हें भी उपचार नहीं मिल रहा है आकस्मिक सेवा पर तैनात डॉक्टर ही मरीजों को इमरजेंसी कक्ष में देख रहे हैं जबकि मुख्य परिसर में बने डॉक्टर के कैमरे बंद हैं जो खुले हैं वहां डॉक्टर नदारत है जबकि वर्तमान में द्वितीय श्रेणी के डॉक्टर जिला चिकित्सालय में पदस्थ है जो सभी विभागों में बैठकर मरीज को देख सकते हैं लेकिन डॉक्टर के अपने कक्षों में नहीं बैठने से यहां शाम की ओपीडी में उपचार करने आने वाले मैरिज बैरंग लौटने को मजबूर हैं जबकि नवागत सिविल सर्जन ने बंद पड़ी इस व्यवस्था को शुरू किया है शहर से बहादुरपुर रोड पर नए भवन में जिला चिकित्सालय शिफ्ट हुए लगभग 7 वर्ष का समय बीत चुका है तब से शाम की ओपीडी यहां बंद थी लेकिन अब दोबारा चालू होने पर इसके लिए प्रचार के साथ डॉक्टर के बैठना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि सिविल सर्जन का कमिटमेंट पूरी तरह सफल हो सके इसके लिए स्वयं सिविल सर्जन डॉक्टर टोके को ध्यान देकर डॉक्टरों की ओपीडी में उपस्थिति सुनिश्चित करना आवश्यक है तब कहीं शाम की ओपीडी का कमिटमेंट पूरा होगा।










