बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई) से जुड़ी शहादत की खबरों पर शिया समुदाय ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और विरोध प्रदर्शन किए। समुदाय के लोगों ने उन्हें इंसानियत का रहबर बताते हुए कहा कि उन्होंने विश्वभर में होने वाले अत्याचारों के खिलाफ मुखर रुख उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संघर्षों के पीछे इसराइल और अमेरिका की नीतियां जिम्मेदार हैं, और उन्होंने आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला करार दिया। विरोध सभाओं में वक्ताओं ने कहा कि ईरान ने हमेशा फिलिस्तीन सहित कई मुद्दों पर “जुल्म के खिलाफ आवाज” उठाई है। उनका मानना है कि आयतुल्लाह खामनेई ने वैश्विक स्तर पर अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संदेश दिया और प्रतिरोध की भावना को मजबूत किया। इसी क्रम में शिया समुदाय के आबिद कज़लबाज उर्फ जानी पहलवान ने अपने अंदाज में कहा कि उनका जवाब हिंसा से नहीं, बल्कि “पैगाम” से देंगे उन्होंने कहा कि विचारों और एकजुटता की ताकत से ही वे अमेरिका और इसराइल की नीतियों का विरोध दर्ज कराएंगे। समुदाय के नेताओं ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि उनका विरोध वैचारिक और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी आग्रह किया कि पश्चिम एशिया में स्थायी शांति के लिए संवाद और न्यायपूर्ण समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।










