बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) नगर निगम का सम्मेलन 8 माह के लंबे अंतराल के बाद 23 जून को आ हूत किया जा रहा है। इस लंबे अंतराल के कारण नगर की जनसमस्याएं जैसे जल संकट, सफाई व्यवस्था, सड़क निर्माण और विकास कार्यों में रुकावट जैसी कई समस्याएं अनसुलझी रह गई हैं। अब जब यह सम्मेलन बुलाया गया है, तो विपक्ष ने इस पर कोई आपत्ति नहीं लेते हुए मौन है नगर निगम प्रशासन ने इतने लंबे समय तक जनता की आवाज को अनदेखा किया है। न तो नियमित सम्मेलन हुए और न ही पार्षदों को उनके क्षेत्र की समस्याओं पर बोलने का अवसर मिला। प्रशासन एकतरफा निर्णय ले रहा है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अवहेलना कर रहा है। नगर निगम पारदर्शी और जनहितैषी नहीं है नियमित समय पर सम्मेलन बुलाए जाते और पार्षदों की भागीदारी सुनिश्चित की जाती तो शहर में विकास दिखाई देता लेकिन भाजपा महापौर की मनमानी और चुनी हुई जनप्रतिनिधियों की अवहेलना के चलते शहर में घोर समस्याएं हैं वहीं विपक्ष भी अपनी भूमिका नहीं निभा रहा है नेता प्रतिपक्ष और उप नेता अपनी जिम्मेदारिओं से दूर भाग कर मौन है 23 जून के सम्मेलन में किस प्रकार की बहस होती है और क्या यह सम्मेलन शहर के विकास की दिशा में कुछ ठोस परिणाम लेकर आता है या सिर्फ एक रस्म अदायगी बनकर रह जाएगा।












