नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही, हाथ में बोतल लेकर अस्पताल में भटकते रहे मरीज

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) जिला चिकित्सालय में नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से अलग नजर आ रही है। सोमवार को अस्पताल में एक मरीज हाथ में ग्लूकोज की बोतल लेकर इधरउधर भटकता दिखाई दिया। मरीज की हालत देखकर अस्पताल मेंमौजूद लोग भी हैरान रह गए। मरीज के हाथ में लगी बोतल देखकर जब उससे जानकारी ली गई तो उसने बताया कि नर्सिंग स्टाफ की ओर से उसे खून की जांच कराने के लिए तीसरी मंजिल पर भेजा गया है। हाथ में ड्रिप लगी होने के बावजूद मरीज को स्वयं चलकर जांच के लिए जाना पड़ा। अस्पताल परिसर में मरीज को बोतल लेकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते देखस्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। मरीजों का कहना है कि जिला चिकित्सालय में कई बार नर्सिंग स्टाफ की ओर से मरीजों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के बजाय उन्हें अलगअलग विभागों में भेज दिया जाता है। गंभीर अथवा कमजोर मरीजों के लिए इस तरह की व्यवस्था परेशानी का कारण बन रही हैखासतौर पर हाथ में ड्रिप लगी होने के दौरान मरीज का अकेले अस्पताल की मंजिलों के बीच घूमना जोखिम भरा हो सकता है। गौरतलब है कि जिला चिकित्सालय में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है ऐसे मेंअस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि मरीजों को जांच और उपचार के दौरानआवश्यक सहयोग मिले। अस्पताल में इस तरह की लापरवाही सामने आने के बाद मरीजों और उनके परिजनों ने वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की जांच कर नर्सिंग स्टाफ को मरीजों के प्रति जिम्मेदारी और संवेदन शीलता सेकार्य करने के निर्देश देने की मांग की है।



