भारत की गंगा जमुनी संस्कृति का प्रतीक है सोने का ताजिया

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बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) राजस्थान के जयपुर शहर में राजा रामसिंह के महल में जयपुर में ‘सोने का यह शाही ताजिया एक ऐतिहासिक और बेहद खास ताजिया है, जिसे मोहर्रम के मौके पर शहर की गंगा-जमुनी तहजीब के प्रतीक के रूप में निकाला और सजाया जाता है जयपुर के शाही ताजिये की प्रमुख विशेषताएं के संबंध में पूर्व पार्षद जाकिर खान और मोइन खान ने जानकारी देते हुए बताया कि यह ताजिया साल 1868 में जयपुर राजघराने के तत्कालीन महाराजा राम सिंह द्वारा बनवाया गया ऐसा बताया जाता है कि राजा राम सिंह के तबीयत खराब होने पर उन्होंने यह मन्नत मानी थी जिसके पूरा होने पर यह ताजिया निर्मित कराया गया था यह ऐतिहासिक ताजिया लगभग 10 किलो सोने और 60 किलो चांदी से निर्मित है मोहर्रम के जुलूस के दौरान इसे पारंपरिक रूप से जयपुर के त्रिपोलिया बाजार में आम जनता के दर्शन के लिए रखा जाता है यह ताजिया साल भर बहुत ही कड़ी सुरक्षा और बेहतरीन तरीके से सुरक्षित राजमहल में रखा जाता है इसकी देखरेख महावतों का मोहल्ला माहवतान के खिदमतगारों द्वारा की जाती है यह कला और सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनोखी मिसाल है, जिसे देखने और इसकी भव्यता का अनुभव करने के लिए हर वर्ष मोहर्रम पर भारी भीड़ उमड़ती है।

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