Thursday, September 3, 2026
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Homeबुरहानपुरमातमी जुलूस में अलम के साथ शान से लहराया तिरंगा

मातमी जुलूस में अलम के साथ शान से लहराया तिरंगा

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) यौम-ए-आशूरा पर सिंधीपुरा स्थित सिया इमामबाड़ा से बातमी जुलूस निकला गया मातमी जुलूस, में कर्बला के शहीदों को किया गया याद बुरहानपुर। यौम-ए-आशूरा के अवसर पर शहर में श्रद्धा और अकीदत के साथ मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और कर्बला के शहीदों, विशेष रूप से हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद करते हुए उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश कर मातम किया गया या हुसैन की सदाओं के बीच मातम किया गया। तथा अलम के साथ तिरंगा भी शान से लहराया जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए इकबाल चौक गांधी चौक होते हुए वापस सिंधीपुरा स्थित इमाम बाडे में आकर समाप्त हुआ इस अवसर पर समाज के जानी पहलवान ने कहा कि हजरत इमाम हसन हुसैन की शहादत को भूलाया नहीं जा सकता उसका गम हमारे दिलों में आज तक है इस दौरान लोगों ने कर्बला के संदेश—सच्चाई, इंसाफ, सब्र और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े होने—को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। जुलूस के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जुलूस के पूरे मार्ग पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी तैनात रहे ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। जुलूस के सिंधीपुरा स्थित इमामबाड़ा पहुंचने पर धार्मिक विद्वानों ने अपने संबोधन में कहा कि कर्बला का वाकया केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि मानवता, न्याय और सत्य की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। यौम-ए-आशूरा का संदेश आज भी लोगों को अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

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