पर्यटनमध्य प्रदेश

नगर निगम की जल सुनवाई वार्ड पार्षदों और आमजन को सुनवाई से रखा दूर

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से होने वाली सैकड़ो मौत के बाद जहां स्वच्छता में नंबर वन इंदौर की पोल खोलकर रख दी वही सरकार यहां होने वाली मौतों से सबक हासिल करने के नाम पर आनंद-फानन में पूरे प्रदेश में जल सुनवाई कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश तो दिए पर स्थानीय नगरीय निकाय नगर निगम बुरहानपुर शहर के 48 वार्डों के पार्षदों को खबर किए बगैर शहर के आठ स्थानों पर नाम मात्र की जल सुनवाई कर कागजी खाना पूर्ति कर ली जबकि शहर में पिछले कई वर्षों से पेयजल कि घोर समस्या है गंदा और दूषित जल के कारण शहर में दो बार डायरिया भी फैल चुका है जिसमें 7 से अधिक मौत भी हो चुकी है लेकिन शासन के आनंद आनंद के निर्देशों के चलते कागज़ी खाना पूर्ति कर अफसरों ने अपनी स्वयं की पीठ थपथपाली इस जलसुनवाई की खबर जब कुछ पार्षदों को लगी तो उन्होंने जल विभाग के जिम्मेदारों से पूछा तो उनका टका सा जवाब मेंबर साहब हम आप लोगों को बताना भूल गए दरअसल शहर के विपक्ष के पार्षदों का गुस्सा यह है कि नगर निगम सीमा में जल आवर्धन योजना के पाइपलाइन बेचने का कार्य पिछले 8 वर्षों से चल रहा है जो अब भी अधूरा है और इसी के चलते शहर के वार्डों में गंदे पानी की शिकायत आम बात है और उसी के लिए आयोजित जल् सुनवाई को लेकर शहर में पार्षदों को सूचना नहीं और फिर वार्ड पार्षदों को भी इससे दूर रखा गया शहर में आठ स्थानों पर आठ शिविर लगाए जिसमें मात्रा 40 शिकायतें आई जिससे स्पष्ट है कि जल सुनवाई के प्रचार प्रसार की कमी के चलते आम नागरिक अपनी शिकायतें लेकर यहां नहीं पहुंच सका इस पूरे मामले पर राजपुरा वार्ड के पार्षद अहफ़ाज़ मुज्जु मीर ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि इसके लिए जिम्मेदार अफसरों पर कड़ी कार्यवाही की जाना चाहिए जिनकी लापरवाही से जनप्रतिनिधियों की शासन के निर्देशों में कोई भागीदारी नहीं रही जिससे शासन का उद्देश्य भी अधूरा रह गया है।

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