बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) 350 से अधिक शहरों में स्वयंसेवकों के साथ-साथ सौ से अधिक सामुदायिक स्कूलों और शिक्षण केंद्रों के छात्र, भुखमरी और भोजन की बर्बादी के बारे में जागरूकता बढ़ा हैं तथा जरूरतमंद परिवारों के लिए भोजन एकत्र कर रहे हैं। दाऊदी बोहरा समुदाय की परोपकारी पहल ‘प्रोजेक्ट राइज’ के बैनर तले चलाया जा रहा यह आंदोलन, इस वर्ष के विश्व खाद्य दिवस के विषय पर नवाचार कर रहा है भारत में, दाऊदी बोहरा स्वयंसेवकों और छात्रों ने सूखा राशन एकत्र किया और 3 लाख से अधिक दैनिक वेतन भोगियों, अनाथालयों के बच्चों और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया।प्रोजेक्ट राइज’ के एक स्वयंसेवक ने कहा, “हमारे धर्मगुरू सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब की शिक्षाओं के अनुसार, भूखों को भोजन कराना हमेशा से हमारी आस्था और दैनिक जीवन का हिस्सा रहा है। विश्व खाद्य दिवस हमें उस मूल्य को अपने घरों से परे, स्कूलों, सामुदायिक केंद्रों और पूरे शहर तक ले जाने तथा उन साझेदारों के साथ मिलकर काम करने का अवसर देता है जो एक ही लक्ष्य साझा करते हैं।भुखमरी से मुक्त दुनिया के लिए युवा पीढ़ियों को सशक्त बनाना और शिक्षित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, खासकर तब जब पूरी मानवता के लिए पर्याप्त भोजन का उत्पादन किया जाता है, लेकिन इसका अधिकांश हिस्सा बर्बाद हो जाता है, जिससे लाखों लोग दीर्घकालिक भूख और कुपोषण की स्थिति में रहते हैं। संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस वर्ष जारी ‘द स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड’ रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में लगभग 64.5 करोड़ लोग भुखमरी का सामना कर रहे थे, और दुनिया की लगभग एक तिहाई आबादी पौष्टिक आहार का खर्च उठाने में असमर्थ है। प्रोजेक्ट राइज’ वंचित बच्चों और परिवारों को पोषण, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बेहतर जीवन के अवसर प्रदान करने के लिए विश्व स्तर पर काम करता है। यह जानकारी दाऊदी बोहरा समाज के पीआरओ कोऑर्डिनेटर तफज्जुल हुसैन मुलायम वाला ने दी!


