Thursday, September 3, 2026
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Homeबुरहानपुरशहर की धड़कन बंद होने की कगार पर मजदूर होंगे बेरोजगार

शहर की धड़कन बंद होने की कगार पर मजदूर होंगे बेरोजगार

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) शहर के लोगों को रोजी.रोटी उपलब्ध कराने वाली धड़कन पावरलूम जल्द बंद होंगे मास्टर विवर्स की तानाशाही और सरकार की नीतियों से यह उद्योग बंद होने की कगार पर है लगभग 40 हजार पावरलूम के धड़कने से यहां लोगों को रोजगार मिलता है, इस उद्योग से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है लेकिन मजदूरों की मजदूरी मास्टर विवर्स के द्वारा नहीं बढ़ाए जाने से मजदूर परेशान है तो दूसरी और मास्टर विवर्स की अपनी परेशानी सरकार की नीतियों से वह परेशान है तो बाजार में कपड़े पर उठाव नहीं होने से वह मजदूरों को काम नहीं दे रहा है जिसके चलते शहर के आधे से अधिक पावरलूम कारखाने बंद होकर मजदूर बेरोजगार हो चुके हैं इसी के चलते जहां पावरलूम मजदूर अब मास्टर विवर्स की मनमानी और सरकार की नीतियों के विरोध में 14 अप्रेल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं, पावरलूम मजदूर की हड़ताल से शहर में सन्नाटा छाने की उम्मीद है, वही लॉ एन्ड आडर की स्थिति भी निर्मित होगी मास्टर विवर्स के द्वारा लंबी जद्दोजहद के बाद दिसंबर 2023 में प्रतिपिक 25.25 रुपए मजदूरी बढ़ाकर देने का अनुबंध मजदूरों की संस्था पावरलूम बुनकर संगठन के साथ किया गया था परंतु इस अनुबंध के बाद भी मास्टर विवर्स ने मजदूरों को बड़ी हुई मजदूरी नहीं देकर वर्तमान दी जाने वाली मजदूरी से भी कम मजदूरी देकर कपड़ा तैयार कराया है इसके लिए मास्टर विवर्स की फूट डालने वाली नीति का उपयोग कर मजदूरों का शोषण किया गया इसी के चलते मजदूरों में रोष देखा गया है, समय रहते प्रशासन के द्वारा मास्टर विवर्स और मजदूर संस्था के साथ कोई समझौता नहीं किया गया तो मजदूर की यह हड़ताल शहर में समस्या खड़ी कर लोकसभा चुनाव को भी प्रभावित कर सकती है इसलिए यह आवश्यक है कि प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप कर मामले का निपटान कराया।

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