बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) शहर में कचरे के ढेर सफाई कर्मियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई17 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन, ठेका प्रथा समाप्त करने की प्रमुख मांग48 घंटे में मांगें पूरी नहीं हुईं तो सड़क पर उतरकर करेंगे आंदोलन, काली दिवाली मनाने का ऐलान भी प्रदेशव्यापी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब बुरहानपुर में भी दिखाई देने लगा है। शहर के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं, जिसके चलते नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जगह जगह कचरे के ढेर नजर आने लगे हैं। प्रमुख मार्गों, गली मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने से नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के बैनर तले सफाई कर्मचारी अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल कर रहे हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांग ठेका प्रथा को समाप्त कर सफाई व्यवस्था में नियमित रोजगार सुनिश्चित करना है। इसके अलावा अन्य लंबित मांगों को पूरा करने के लिए भी कर्मचारी सरकार से आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।सफाई कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से उनकी मांगों को लेकर केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। ठेका प्रथा के चलते कर्मचारियों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब कर्मचारी अपनी मांगों को पूरा कराए बिना पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।इस बार काली दिवाली मनाने ऐलान भी किया हैसफाई कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटे के भीतर सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो कर्मचारी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। कर्मचारियों ने इस वर्ष काली दिवाली मनाने का भी ऐलान किया है। ऐसे में हड़ताल लंबी खिंचने पर शहर की सफाई व्यवस्था और बिगड़ने के साथ ही नागरिकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अब देखना होगा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर कब तक निर्णय लेती है।


