बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) जिले में अवैध हथियारों और अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। खकनार तहसील का ग्राम पचौरी जहां कथित रूप से अवैध हथियार निर्माण और तस्करी के लिए चर्चित है, वहीं जैनाबाद ग्राम की बलवार टेकरी पर अवैध शराब निर्माण का कारोबार वर्षों से फल फूल रहा है कार्रवाई के बावजूद इन गतिविधियों पर स्थायी अंकुश नहीं लग पाने से पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। खकनार के ग्राम पचौरी में अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी समय-समय पर सामने आती रही है। पुलिस द्वारा हथियार बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने के बाद भी यह सिलसिला पूरी तरह थमता नजर नहीं आता। सवाल यह है कि यदि कार्रवाई लगातार हो रही है तो हथियार निर्माण का नेटवर्क बार-बार सक्रिय कैसे हो जाता है? इसी तरह जैनाबाद ग्राम की बलवार टेकरी पर अवैध शराब निर्माण और कारोबार को लेकर भी कार्रवाई की खबरें सामने आती रही हैं।लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा समय-समय पर अवैध शराब जब्त किए जाने के बावजूद समस्या जड़ से खत्म नहीं हो पाई है। इससे केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई करने के बजाय पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की जरूरत महसूस होती है। कार्रवाई के बाद फिर सक्रिय हो जाते हैं कारोबारी जिले में अवैध हथियार और शराब के खिलाफ कार्रवाई कोई नई बात नहीं है, लेकिन स्थायी परिणाम नजर नहीं आने से कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से सक्रिय बताए जा रहे इन कारोबारों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन को केवल बरामदगी और गिरफ्तारी तक सीमित रहने के बजाय इनके स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला और संरक्षण तंत्र की भी जांच करनी होगी।


