Wednesday, September 2, 2026
spot_img
spot_img
Homeबुरहानपुरजिहाद का उद्देश्य आपसी भाईचारे सहिष्णुता को बढ़ावा देना है

जिहाद का उद्देश्य आपसी भाईचारे सहिष्णुता को बढ़ावा देना है

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) आमतौर पर जिहाद का अर्थ गलत निकाला जाता है लेकिन अगर हम इस शब्द की गहराई तक जाए तो पता लगता है कि यह शब्द केवल मुस्लिम समाज ही नहीं सभी समाजों के सुधार का शब्द है यह जिहाद का अर्थ अपने नैतिक मूल्यों में सुधार करना होता है लेकिन समाज में यह शब्द घृणा फैलाने के लिए ही देखा जाता है जो गलत है जिसका अर्थ आमतौर पर “संघर्ष” या “प्रयास” होता है। यह शब्द केवल हथियार उठाने या युद्ध से संबंधित नहीं है, जैसा कि अक्सर समाज में गलत रूप में प्रस्तुत किया जाता है। जिहाद का वास्तविक आशय नैतिक, आत्मिक और सामाजिक स्तर पर स्वयं को सुधारने का प्रयास करना है। यह बुराईयों से लड़ने, सच्चाई के मार्ग पर चलने और समाज में नैतिक मूल्यों को स्थापित करने का प्रयास है। इस्लाम धर्म के बानी पैगंबर मोहम्मद साहब ने भी इसे “जिहाद-ए-अकबर” यानी “महान संघर्ष” कहा है, जिसमें व्यक्ति अपने अंदर की बुराइयों जैसे लालच, घृणा, असत्य और अन्याय से लड़ता है। दुर्भाग्यवश, कुछ कट्टरपंथी तत्वों ने जिहाद की इस पवित्र अवधारणा को हिंसा और आतंक से जोड़ दिया है, जिससे समाज में भ्रम और असहमति फैली है। वास्तव में, जिहाद का मूल उद्देश्य समाज में आपसी भाईचारे, सहिष्णुता और नैतिकता को बढ़ावा देना है। यदि इसे सही रूप में समझा जाए, तो यह केवल मुसलमानों ही नहीं बल्कि समूचे मानव समाज के लिए प्रेरणादायक सिद्धांत हो सकता है, जो शांति और समानता का संदेश देता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments