Thursday, September 3, 2026
spot_img
spot_img
Homeबुरहानपुरजिंदा होकर भी मर चुके हैं हम ताप्ती सेवा समिति  का अनोखा...

जिंदा होकर भी मर चुके हैं हम ताप्ती सेवा समिति  का अनोखा कार्यक्रम

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) शहर की सड़कों पर लगातार बढ़ रहे गड्ढे और उनसे हो रहे हादसों ने नागरिकों को गहरी पीड़ा में डाल दिया है। इन्हीं हालातों पर ध्यान आकर्षित करने के लिए ताप्ती सेवा समिति ने एक अनोखा कार्यक्रम आयोजित किया इसमें कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने स्वयं अपने गले में माला पहनकर यह संदेश दिया कि हम जिंदा होकर भी मर चुके हैं, क्योंकि सड़क हादसों को देखकर भी हम चुप हैं। हादसों का बढ़ता आंकड़ा परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस रिकार्ड के अनुसार, बुरहानपुर जिले में वर्ष 2024 में 320 से अधिक सड़क हादसे दर्ज किए गए। इनमें से 90% हादसे सड़कों पर गड्ढों, के कारण होना बताया गया है पिछले एक वर्ष में 50 से अधिक मौतें और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। शहर की लगभग 90% प्रमुख सड़कें मरम्मत की प्रतीक्षा में हैं। कई जगहों पर गड्ढों की गहराई 6 से 12 इंच तक पहुँच चुकी है, जिससे छोटे वाहन पलटने की संभावना अधिक होती है मानसून के बाद स्थिति और भी अधिक खराब हो गई है सड़कों पर जल भराव के चलते वाहन गड्ढे दिखाई नहीं देने से दुर्घटनाएं हो रही है ताप्ती सेवा समिति अध्यक्ष सरिता भगत ने कहा की यह कार्यक्रम किसी प्रकार की राजनीति या विरोध प्रतिरोध नहीं है।यह समाज की पीड़ा और बेबसी को व्यक्त करने का प्रयास है। हमारे गले की यह माला सम्मान की नहीं, बल्कि चेतावनी की माला है कि अगर हम सब चुप रहेंगे तो यह चुप्पी हमारी मौत बन जाएगी। इस अवसर पर अध्यक्ष श्रीमती सरिता राजेश भगत आशा तिवारी धर्मेंद्र सोनी सचिव उपाध्यक्ष अत्ताउल्लाह खान अजय बेलापुरकर बसंत पाल राजकुमार बछवानी सहित अन्य उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments