Tuesday, September 1, 2026
spot_img
spot_img
Homeबुरहानपुरएसआईआरआ की सफलता के बाद आपत्तियों का राजनीतिक खेल कांग्रेस का कडा...

एसआईआरआ की सफलता के बाद आपत्तियों का राजनीतिक खेल कांग्रेस का कडा विरोध

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) एसआईआर प्रक्रिया की सफलता के बाद अब दावे–आपत्तियों के नाम पर एक नया राजनीतिक खेल शुरू हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम का घोर विरोध करते हुए इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ बताया है। पार्टी का आरोप है कि सुनियोजित तरीके से वैध मतदाताओं के नाम कटवाने या उन पर आपत्ति दर्ज कराने की साज़िश की जा रही है, जिससे आगामी चुनावों को प्रभावित किया जा सके। भाजपा ऐसे नामो को आपत्ती लगाकर कटवाना चाहती है जो कांग्रेस विचारधारा के हैं कांग्रेस का कहना है कि दावे–आपत्तियों की प्रक्रिया नागरिकों को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए है, न कि उन्हें संदेह के घेरे में लाने के लिए। इसके बावजूद अंजान नामो के माध्यम से बड़ी संख्या में आपत्तियां पेश की गई हैं, जो पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बनाती हैं। पार्टी नेताओं का दावा है कि यह एक संगठित रणनीति के तहत किया जा रहा है, ताकि खास वर्ग और विचारधारा के मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा सके। बुरहानपुर शहर में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है। यहां ऐसे अनेक गणमान्य नागरिक हैं, जिनके नाम चुनाव आयोग के मापदंडों के अनुसार वर्ष 2003 की मतदाता सूची में होने के चलते पुनरीक्षण सूची में नाम शामिल कर लिए जाने के बाद अब राजनीतिक खेल के जरिए अनेक गण मान्य मतदाताओं के नाम पर फर्जी तरीके से आपत्तियां दर्ज करा कर उनके नाम सूची से हटवाने की नाकाम कोशिश की जा रही है इसको लेकर कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष अजय रघुवंशी ने एक मामले का वीडियो भी मीडिया के समक्ष पेश कर साजिश को बेनकाब किया है एस आई आर सर्वेक्षण के दौरान मतदाताओं का सत्यापन होने के बाद नाम जोड़े गए थे , जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे सभी पात्र मतदाता हैं। इसके बावजूद अब इन्हीं नामों पर आपत्तियां लगाई जा रही हैं, जो प्रक्रिया की नीयत पर सवाल खड़े करती हैं।कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की है कि दावे आपत्तियों की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संचालित की जाए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम राजनीतिक दबाव या दुर्भावना के कारण न हटाया जाए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि यह सिलसिला नहीं रुका, तो वह सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि मतदाता सूची की शुद्धता के साथ-साथ नागरिकों का विश्वास भी बना रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments