बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) नव नियुक्त सिविल सर्जन डॉक्टर दर्पण टोके के चार्ज संभालने के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार के नाम पर इलेक्ट्रिक डिस्प्ले के साथ जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बैठक व्यवस्था में सुधार के साथ और भी अनेक कार्य किए गए लेकिन नहीं सुधरा तो मरीज को मिलने वाले उपचार में कोई सुधार नहीं आया है करण जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निरंतर कमी बनी हुई है मरीज को इंदौर रैफर करना जिला अस्पताल के रूटीन वर्क में शामिल है इसमें कोई सुधार नहीं आया है जिला अस्पताल के विशाल भवन में दर्जनों कमरे हैं परंतु इलाज सीमित कमरों तक ही है करण नर्सिंग स्टाफ और रेजीडेंट डॉक्टरों की कमी इसके साथ ही यहां दशकों से ईएनटी विभाग में कोई डॉक्टर नहीं होने से यहां आने वाले नाक कान गले के मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा है जबकि वर्तमान में जिला अस्पताल में ईएनटी के लिए डॉक्टर उपलब्ध है परंतु उन्हें दूसरे कार्यों में लगा रखा है अब ऐसे में भला किस प्रकार ईएनटी के मरीजों को उपचार मिलेगा उपचार के लिए मरीज को निजी डॉक्टरों पर निर्भर रहकर हजारों खर्च करने पर मजबूर होना पड़ता है वर्तमान के पहले भी यहां ईएनटी के डॉक्टर पदस्थ हुए उन्होंने अपना विभाग शुरू करने के लिए आवश्यक एसेसरीज की डिमांड दी जिसे उपलब्ध नहीं कराया गया वर्तमान में डॉक्टर होने के बाद भी उनकी सेवाएं नहीं ली जा रही है सरकार का एकल खिड़की योजना पर बल देती है जहां एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है परंतु जिले का सरकारी अस्पताल परिसर से बहुत दूर आंखों का अस्पताल है उसे एक परिसर में लाने की सिविल सर्जन के पास कोई योजना नहीं है जबकि मुख्य अस्पताल भवन में स्थान की कोई कमी नहीं है इसी परिसर में दो और अस्पताल बनकर तैयार है परंतु स्टाफ की नियुक्ति नहीं होने से वह चालू होने से पहले ही बंद पड़े होकर धूल चाट रहे हैं जिस पर अस्पताल प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है उम्मीद है नव नियुक्त सिविल सर्जन इन बिंदुओं पर ध्यान देकर अग्रिम कार्यवाही करेंगे।











