बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) जिला इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है, जहां सूरज अपने पूरे शबाब पर है और तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। आसमान से बरसती आग ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, जिससे शहर के व्यस्त रहने वाले बाजारों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। वे सड़कें, जहां आम दिनों में लोगों की चहल-पहल रहती थी और पैदल चलना तक मुश्किल होता था, आज सूनी नजर आ रही हैं। दोपहर के समय तो हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जब धूप की तीव्रता अपने चरम पर होती है। दुकानदार भी ग्राहकों के अभाव में परेशान हैं इस भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। तेज धूप के संपर्क में आने से लोगों को चक्कर आना, सिरदर्द और कमजोरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टर लगातार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं, जैसे कि अनावश्यक बाहर न निकलें, अधिक पानी पिएं और सिर को ढककर रखें। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग ठंडे पेय पदार्थ, फल और अन्य शीतल खाद्य पदार्थों का सहारा ले रहे हैं, लेकिन बढ़ते तापमान के सामने ये उपाय भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। घरों में कूलर और एसी का उपयोग बढ़ गया है, फिर भी उमस और गर्मी से पूरी राहत नहीं मिल पा रही है। इस तपती गर्मी का प्रभाव केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशु-पक्षी भी इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। पानी और छांव की कमी के कारण वे भी इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं। कई जगहों पर लोग उनके लिए पानी की व्यवस्था कर रहे हैं, मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें और खुद के साथ-साथ दूसरों का भी ध्यान रखें। यह समय सतर्कता और संयम का है, ताकि इस भीषण गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सके।










