बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) जिले की शिक्षा व्यवस्था विशेष रूप से ईजीएस शिक्षा गारंटी योजना के अंतर्गत संचालित स्कूलों की हालत आज अत्यंत चिंताजनक हो गई है। इन स्कूलों की इमारतें जर्जर स्थिति में हैं, जिनमें पढ़ाई का माहौल न के बराबर रह गया है। कई भवन तो इतने खस्ताहाल हैं कि वहां बैठकर पढ़ाई करना छात्रों के लिए खतरे से खाली नहीं है। सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत शिक्षा को सुदृढ़ करने की योजनाएं बनाई गई परंतु जमीनी स्तर पर इनका क्रियान्वयन बेहद कमजोर साबित हो रहा है। जन शिक्षकों द्वारा स्कूलों की निगरानी एवं शैक्षणिक गुणवत्ता पर उचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे न केवल छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो रही है, बल्कि शिक्षक भी अनुत्साहित हो गए हैं। जिले के डीपीसी का भी इन समस्याओं पर कोई ठोस ध्यान नहीं है। छात्राओं को समय पर यूनिफॉर्म एवं गणवेश एवं साइकिल की राशि नहीं मिल रही है, जिससे वंचित वर्ग की बच्चियां विद्यालय आने से हिचकिचाने लगी हैं। इसके अलावा पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति, मिड-डे मील की गुणवत्ता और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति जैसे मूलभूत विषयों की अनदेखी की जा रही है। यदि शीघ्र ही प्रशासनिक स्तर पर कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो यह शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। सरकार को चाहिए कि वह जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करे, जन शिक्षकों की जवाबदेही तय करे, और स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए विशेष निधि प्रदान करे। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का मौलिक अधिकार है, और इसे सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। लेकिन इस सब के चलते ग्राम एमगिर्द की कला ताज स्थित ईजीएस स्कूलों हालत अत्यंत दयनीय है।












