बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) शहर में चुनी हुई नगर सरकार है पर काम शून्य चुने हुए जनप्रतिनिधि विकास कार्यों की गुहार लगाकर थक चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं दरअसल नगर निगम में गुटीय राजनीति चरम पर है उसके चलते किसी भी आंदोलन और विरोध का असर दिखाई नहीं देता। अक्टूबर 2024 में 2022-23 के बजट को लेकर परिषद सम्मेलन लंबे इंतजार के बाद हुआ था लेकिन वह भी विवादों की भेंट चढ़ गया और फिर 6 माह बीत चुके हैं परिषद सम्मेलन नहीं बुलाया गया जबकि वित्तीय वर्ष भी समाप्त हो चुका है परिषद सम्मेलन में वर्ष 2024 25 का बजट पास होना है इसके लिए नगर निगम अध्यक्ष अनीता अमर यादव ने सम्मेलन बुलाने के लिए आयुक्त को निर्देशित किया है फिर भी सम्मेलन नहीं बुलाया गया है बिना बजट स्वीकृत नगर निगम प्रशासन किस प्रकार संचालित हो रहा है नगर निगम अधिनियम के तहत दो माह में परिषद की बैठक होना आवश्यक है फिर भी नियमों की अनदेखी की जा रही है। इस पूरे मामले पर जहां सत्ता पक्ष मनमानी पर है वहीं विपक्ष भी पूरी तरह खामोश है। अक्टूबर 2024 में हुए बजट सम्मेलन को लेकर विपक्ष ने इसको कोर्ट में चुनौती देने की बात कही थी लेकिन 6 माह बीत जाने के बाद भी अब तक विपक्ष की हल चल शून्य है, वर्तमान में भी मेयर इन काउंसिल में लाभ का बजट पास कर लिया गया लेकिन परिषद की स्वीकृति के लिए अब तक बैठक आहूत नहीं की गई इस पर भी विपक्ष पूरी तरह मौन है जिससे चुने हुए पार्षद अपेक्षा के शिकार है तथा वह मन ही मन अपने स्वयं को कोसने पर मजबूर है, वार्डों में अनेकों समस्याएं हैं वार्ड वासी पार्षद के चक्कर काट कर परेशान है पर समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा है।











