बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) केंद्र सरकार ने भारत को विकसित देशों की श्रेणी में लाने के अपने लक्ष्य की औपचारिक घोषणा कर दी है और 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं होगा। यही कारण है कि सरकार के सामने इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए 21 वर्षों का लंबा सफर है। इसी को ध्यान में रखते हुए, भारत को लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलने की योजना बनाई गई है। विश्व बैंक के अनुसार, भारत वर्तमान में निम्न-मध्यम आय वाला देश है, जिसकी प्रति व्यक्ति आय लगभग 2,612 डॉलर है विकसित देश का दर्जा प्राप्त करने के लिए भारत को अपनी प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय लगभग छह गुना बढ़ाना होगा। यह लक्ष्य तभी संभव होगा जब भारत अगले दो दशकों में 8 प्रतिशत या उससे अधिक की वास्तविक आर्थिक विकास दर बनाए रखने में सफल होगा! प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘विकसित भारत 2047 युवाओं की आवाजनामक पहल का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा,व्यक्तियों के विकास से ही राष्ट्र का निर्माण हो सकता है। आज भारत जिस दौर से गुजर रहा है, उसमें व्यक्तियों का विकास और प्रगति अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। विकसित भारत कैसा होना चाहिए यह युवाओं को तय करना है। सामूहिक प्रयासों से ही भारत विकसित हो सकता है और हम 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बना सकते हैं।विकसित राष्ट्र में मुसलमान की क्या भूमिका होगी इसको स्पष्ट करने के लिए या जरूरी नहीं है कि स्कूल और कॉलेज ही एकमात्र ऐसे संस्थान नहीं हैं जिनके माध्यम से मुस्लिम व्यावसायिक और कौशल आधारित प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। यदि मुस्लिम आबादी का एक बड़ा हिस्सा शिक्षा से वंचित रहता है, तो विकसित भारत का सपना केवल एक दिखावा बनकर रह जाएगा। विकसित भारत की राह प्रशस्त करने में डिजिटल इंडिया की भूमिका को ध्यान में रखते हुए, यह स्पष्ट है कि आज के युग में डिजिटलीकरण के बिना विकास की कल्पना करना पूरी तरह से निरर्थक है।


