बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) भीषण गर्मी ने शहर को मानो भट्टी में बदल दिया है। तापमान अचानक बढ़कर 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुवा है, लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। तेज गर्मी का सबसे अधिक असर मजदूर वर्ग, रिक्शा चालकों और बाहर काम करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। जिससे उनकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और चक्कर आने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। अस्पतालों में भी गर्मी से संबंधित मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। शहर के बाजारऔर सार्वजनिक स्थानों पर भी सन्नाटा छाया हुआ है। लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। स्कूलों में बच्चों को भी इस गर्मी से बचाने के लिए समय में बदलाव किया गया है। वहीं, प्रशासन की ओर से भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। गर्मी से बचने के लिए लोग तरह तरह के जतन कर रहे हैं। कोई ठंडे पेय पदार्थों का सेवन कर रहा है, तो कोई घरों में कूलर और एसी का सहारा ले रहा है। लगातार बिजली की आंख मिचोली और अधिक परेशानी खड़ी कर रही है जिससे लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की भीषण गर्मी जलवायु परिवर्तन का संकेत हो सकती है। पेड़ों की कटाई और बढ़ते प्रदूषण के कारण तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में जरूरी है कि हम पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान दें और अधिक से अधिक पेड़ लगाएं। प्रकृति के साथ छेड़छाड़ न करें भीषण गर्मी से बचने के लिए बिना आवश्यकता के बाहर न निकले पेट भर पानी पिए और सर ढक कर रखें तभी इस भीषण गर्मी का मुकाबला किया जा सकता है।











