परंपरा को आगे बढाकर रियासत का गौख बढ़ा रहे हैं जाकिर खान

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बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) रियासतों को नवाबों की नगरी के नाम से जाना जाता है, यह रियासतें अपने गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और प्रशासनिक दक्षता के लिए प्रसिद्ध रही है। इस रियासत में टोंक राजस्थान की रियासत “तोप खाना” और “बंदूक खाना” जैसे महत्वपूर्ण विभागों की विशेष भूमिका रही, जो सुरक्षा और सैन्य व्यवस्था के केंद्र माने जाते थे। इन विभागों की जिम्मेदारी संभालना न केवल सम्मान की बात थी, बल्कि यह भरोसे और निष्ठा का प्रतीक भी था इसी परंपरा को आगे बढ़ाने वाले टोंक रियासत के जाकिर खान का नाम आज भी सम्मान के साथ लिया जाता है। उनके पिता और दादा टोंक रियासत के तोप खाना और बंदूक खाना विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ किया, जिससे रियासत की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रही। इतना ही नहीं, उनके परिवार को सऊदी अरब में निर्मित विशेष इमारतों जिन्हें रोबोट के नाम से जाना जाता है इन रोबोटों में हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को रहने की मुफ्त सुविधा रियासत की ओर से कराई जाती रही है और इसी की व्यवस्थाओं के संचालन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई, जो उस समय गौख का प्रतीक थी। आज जाकिर खान, जो जयपुर में रहकर मनोनीत पूर्व पार्षद के रूप में कार्य कर रहे हैं, उसी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। वे न केवल अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, बल्कि समाज में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके प्रयासों से टोंक रियासत का गौरव और उनके पूर्वजों का नाम और भी उज्ज्वल हो रहा है। जो परंपरा और आधुनिकता का संतुलन बनाए रखते हुए, व्यक्ति अपने परिवार और समाज दोनों के प्रति अपने कर्तव्यों को सफलतापूर्वक निभा रहा है। टोंक रियासत के संबंध में उन्होंने बताया कि उनके परिवार का सिजरा रियासत के नवाबों से जुड़ा है।

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