सूतक काल का विसर्जन पर साया

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बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) शनिवार को गणपति बप्पा की विदाई में घर-घर विराजमान प्रतिमाओं का आस्था और श्रद्धा के साथ ताप्ती नदी के विभिन्न घाटों पर किया गया। इस के साथ ही शनिवार की रात्रि में शहर की कुछ बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन भी हुआ पंडित संदीप भाले के अनुसार रविवार को चंद्र ग्रहण के चलते रविवार दोपहर से सूतक काल प्रारंभ होने से प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं करने की सलाह दी गई जिसके चलते शेष प्रतिमाओं का विसर्जन सोमवार को होगा लेकिन इस बीच पंडित भाले के बताएं सूतक काल के बीच भी शहर में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन जारी रहा जिसके चलते शनिवार देर रात से शहर में बिजली गुल होने से अंधेरा छाया रहा यह कैसा पर्व जिस पर प्रशासन की कोई लगाम नहीं 16 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विभाग के जिम्मेदार विद्युत सप्लाई करने की स्थिति बताने की पोजीशन में नहीं है जिसके चलते तंग बस्ती छोटे घरों में रहने वाले परिवार सहित संपन्न परिवार के लोग भी परेशान होते रहे प्रशासन के जिम्मेदार विसर्जन के चल समारोह में व्यवस्था देने में नाकाम दिखाई दिए जबकि सोमवार को फिर बड़ी प्रतिमाओं के चल समारोह निकलने से विद्युत सप्लाई बंद होगी शहर में बिजली गुल नहीं हो ताजिए और मूर्तियों की ऊंचाई कम करने के लिए शांति समिति में फैसले हुए जो कुछ समय तो लागू रहे मगर अब फिर एक बार पूरी व्यवस्था चरमरा गई है, गणपति और दशहरे पर शहर की बिजली घंटो गुल होना अब शहर की पहचान बन गई है जिसे मिटाने के लिए राजनेताओं और प्रशासन के अधिकारियों को आगे आकर सुधार की पहल करनी चाहिए तीज त्यौहार का अर्थ मेल जोल है ना कि शहर अंधेरे में डूब जाए और लोग तीज त्योहार को खुशी के साथ मनाए ऐसी पहल की आवश्यकता है।

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