ऋषि पंचमी का महापर्व उखड़गांव के नाग मंदिर में मन्नत पूरी होने पर छोडा जाता है नाग देवता का जोड़ा

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बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) ऋषि पंचमी का महापर्व पर रोकड़ियां हनुमान मंदिर के पास उखड़गांव क्षेत्र में नाग देवता का 300 वर्ष पुराना ऐतिहासिक मंदिर है, जहां पर गुरुवार को दर्शनार्थियों का मेला लगा। देर रात से प्रारम्भ हुए मेले में सुबह से ही भक्तजनों और मन्नत मानने वाले दर्शन को पहुँचना शुरू हो हो गए थे। प्राचीन समय से यह मान्यता अटूट श्रद्धा का रूप ले चुकी है कि यहाँ पर श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूर्ण होती है। भक्तजन ऋषि पंचमी के दिन मिट्टी की बनी नाग देवता के इस विशाल पिंड के सामने नारियल चढ़ाकर मन्नत मांगते है, उनकी मन की हर सकारात्मक मनोकामना निश्चित रूप से पूर्ण होती और ऐसी मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु सिर्फ बुरहानपुर ही नहीं बल्कि देश के कोने कोने से यहां पर आकर सांप का जोड़ा छोड़ते है नाग मंत्री के रूप में इस मंदिर की संपूर्ण सेवा का कार्य देख रहे भवसार समाज के कैलाश भागवत और अरुण सूर्यवंशी के द्वारा सुबह से ही निराहर व्रत रखकर श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण होने की सामूहिक प्रार्थना के साथ महाआरती की जाती है। महाआरती के समय संपूर्ण वातावरण इतना आध्यात्मिक हो जाता है कि स्वयं नाग देवता विशाल पिंड पर आकर जोडों के साथ दर्शन देते है। सकल पंच गुजराती मोड समाज तथा भावसार समाज से जुड़े परिवारजनों के लिए यह मन्दिर सर्वाधिक आस्था का केंद्र बन चुका है उतावली नदी के उसे पार बने इस मंदिर पर पहुंचने के लिए नदी के पानी से होकर गुजरना होता है सुरक्षा की दृष्टि से यहां पुलिस जवानों की व्यवस्था भी गणपति नाका पुलिस के द्वारा की जाती है!

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