आवारा पशुओं का आतंक नगर निगम की लापरवाही उजागर

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बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) शहर के मुख्य मार्गों पर इन दिनों आवारा पशुओं का साम्राज्य देखा जा सकता है। यह पशु न केवल सड़कों पर बेधड़क घूमते हैं, बल्कि बीच सड़कों पर बैठकर आवागमन को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं। कई बार इनकी वजह से यातायात बाधित होता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि नगर निगम इस गंभीर समस्या को लेकर पूरी तरह से लापरवाह नजर आ रहा है। जबकि नगर निगम के पास आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष वाहन भी है जो धूल खा रहे हैं पशुपालक जानबूझकर अपने पशुओं को सड़कों पर छोड़ देते हैं, जिससे नगर की स्वच्छता और व्यवस्था दोनों पर असर पड़ रहा है। इन पशुओं के कारण सड़कों पर गंदगी फैल रही है, जो न केवल शहर की सुंदरता को खराब कर रही है, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन रही है। पशुओं के मल-मूत्र से सड़कें गंदी हो रही है है और संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है।यह स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब यह देखा जाता है कि नगर निगम द्वारा न तो कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और न ही पशुपालकों पर किसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि जब जिम्मेदार संस्थाएं ही आंखें मूंद लें, तो शहर को किस प्रकार स्वच्छ रखा जा सकता है नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा सकती है?समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है जब नगर निगम सख्ती से नियमों का पालन करवाए, पशुपालकों पर जुर्माना लगाए और आवारा पशुओं को पकड़कर कांजी हाउस में बंद करे , जनजागरूकता अभियान भी चलाना आवश्यक है, ताकि लोग स्वयं अपनी जिम्मेदारी समझें। बुरहानपुर को साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाना तभी संभव है जब प्रशासन और नागरिक दोनों मिलकर काम करें।

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